
झालावाड़: राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे ने बुधवार को उन्हेल में अपने पुत्र एवं सांसद दुष्यंत सिंह की ‘आशीर्वाद पदयात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए राजे ने अपने राजनीतिक संघर्षों को याद करते हुए कहा कि जब वे स्वयं सांसद थीं, तब भी पदयात्राएं किया करती थीं। उन्होंने कहा, “पैरों में छाले पड़ जाते थे, लेकिन उन्हें पिन से फोड़कर भी आगे बढ़ती रही।”
विपक्ष पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पदयात्रा क्षेत्र की उन्नति, विकास और जनता के विश्वास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश नेता चुनाव के समय ही जनता के बीच आते हैं और चुनाव जीतने के बाद पांच वर्षों तक एसी कमरों में बैठ जाते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करते। “हम अपने क्षेत्र को परिवार मानते हैं और यहां के लोगों को केवल मतदाता नहीं, बल्कि भाग्य निर्माता मानते हैं।” राजे ने कहा कि क्षेत्र के सांसद दुष्यंत सिंह हमेशा जनता के बीच रहते हैं और हर स्थान तक पहुंचने का प्रयास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा राजनीतिक नहीं, बल्कि “अपनों की, अपनों के लिए और अपनों के द्वारा” की जा रही यात्रा है।
सपनों को साकार करने की यात्रा
राजे ने कहा कि यह पदयात्रा जन-जन से जुड़ने, जनता की आवाज सुनने और उनके सपनों को साकार करने का माध्यम है। यात्रा का उद्देश्य हर नागरिक को सम्मान, उत्थान और उसकी समस्याओं का समाधान दिलाना है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से सांसद जनता के खेतों की मिट्टी, बच्चों की मुस्कान और लोगों की मेहनत को समझने आए हैं।
पूर्व में भी पदयात्रा कर चुकी हैं वसुंधरा राजे
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे स्वयं भी झालावाड़ जिले में पदयात्रा कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री बनने से पूर्व उन्होंने प्रदेश में यात्राएं की थीं। स्थानीय मंडल अध्यक्ष के अनुसार सांसद दुष्यंत सिंह की यह पदयात्रा तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें वे चोमेला मंडल और उन्हेल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर आमजन की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान का प्रयास करेंगे।