उजाला ओलंपिक खेल मुकाबलों का आयोजन पटियाला जेल परिसर के मैदान में होगा। फरवरी की शुरुआती दिनों में इन खेल मुकाबलों को करवाने की तैयारी है। जल्द ही प्रतियोगिता की तारीख तय कर दी जाएगी।

पंजाब की जेलों में कैदियों और बंदियों के लिए सूबा सरकार उजाला ओलंपिक खेल आयोजित करवाएगी। यह लोगों को अपराध की दुनिया से निकालकर मुख्य धारा में लाने का एक अनोखा प्रयास रहेगा। जेल विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है और इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
उजाला ओलंपिक खेल मुकाबलों का आयोजन पटियाला जेल परिसर के मैदान में होगा। फरवरी की शुरुआती दिनों में इन खेल मुकाबलों को करवाने की तैयारी है। जल्द ही प्रतियोगिता की तारीख तय कर दी जाएगी। सूबा सरकार जेलों में सजायाफ्ता कैदियों और विचाराधीन मामलों के बंदियों के कल्याण, उन्हें समाज से दोबारा जोड़ने और उनके पुनर्वास पर लगातार काम कर रही है। जेलों में ये लोग कुशल बन सकें और बाहर जाकर इनके लिए रोजगार के अवसर सृजित हों इसके लिए 11 जेलों में आईटीआई के विभिन्न विषयों की कोचिंग दी जा रही है। सैकड़ों कैदी व बंदियों ने इन विषयों में दाखिला लेकर पढ़ाई शुरू कर दी है।
एक जेल अफसर बताते हैं कि जेलों में बहुत से कैदी व बंदी ऐसे भी हैं जिनकी खेलों में खूब रुचि है। कुछ तो ऐसे हैं जो खिलाड़ी भी रहे हैं मगर दुर्भाग्यवश किन्हीं कारणों से वे आज जेल में हैं। ऐसे लोगों को खेलों से जोड़े रखने और दूसरों का रुझान खेलों के प्रति बढ़ाने के मकसद से इस खेलों का आयोजन किया जाएगा। खेलों के जरिये भी कैदियों के जीवन को अंधकार से उजाले की ओर ले जाने के मकसद से इस खेल प्रतियोगिता के नाम में उजाला शब्द जोड़ा गया है।
ये होंगी खेल स्पर्धाएं
उजाला ओलंपिक खेल मुकाबलों में वॉलीबॉल, रस्सीकशी, कबड्डी, एथलेटिक्स व बैडमिंटन की स्पर्धाएं होंगी। सूबे की सभी जेल प्रशासन को इन मुकाबलों के लिए टीमें तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके मद्देनजर जेलों में कैदियों व बंदियों ने खेल अभ्यास भी शुरू कर दिया है। इन खेलों का शेड्यूल तीन से चार दिन का रहेगा।
वेरका बूथ भी चलाएंगे कैदी
जेलों में आईटीआई और पेट्रोल पंप संचालित होने के बाद अब कैदी वेरका बूथ भी चलाएंगे। दरअसल, वेरका पंजाब सरकार की एक सहकारी इकाई है, जो दूध व अन्य दुग्ध उत्पाद तैयार कर इनकी बिक्री बूथों के जरिये करती है। सरकार ने अब फैसला लिया है कि जेलों के कैदी भी वेरका बूथ संचालित करेंगे। पहले चरण में आठ जेलों में वेरका बूथ स्थापित होंगे। कैदी इन्हें संचालित करेंगे मगर जेल का स्टाफ भी उनका पूरा सहयोग करेगा। इससे कैदियों में एक व्यावसायिक लगाव पैदा होगा, जो जेल से छूटने के बाद उनके लिए सहायक होगा।