उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मकर संक्रांति के मौके पर रामनगरी में भव्य उत्सव का आयोजन किया गया। रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं ने खिचड़ी का भोग अर्पित किया और ठंडी हवाओं के बीच भी लोग उत्साह और श्रद्धा के साथ मंदिर में शामिल हुए। मकर संक्रांति का यह पर्व हर साल नए जोश और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, और इस बार भी हजारों श्रद्धालु मंदिरों और घाटों पर उमड़े।

अयोध्या के मंदिर प्रबंधन ने बताया कि रामलला के लिए विशेष खिचड़ी बनाई गई और सुबह से ही भोग अर्पित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। भक्तों ने भक्ति गीत और भजन के साथ भगवान राम की पूजा-अर्चना की। ठंड के बावजूद भक्तों की भारी भीड़ ने दर्शाया कि धार्मिक उत्सवों का असर मौसम से प्रभावित नहीं होता।
मेला परिसर में प्रशासन और सुरक्षा बलों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी इंतजाम किए थे। ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म पेय की विशेष व्यवस्था की गई थी। साथ ही, मंदिर और घाटों पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व नई ऊर्जा और विश्वास का प्रतीक है। रामलला के भोग और धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना दिया। इस अवसर पर सभी उम्र के लोग, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग, उत्साह और भक्ति के साथ शामिल हुए।
अयोध्या के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि धार्मिक परंपराएं और उत्सव समाज को जोड़ने का काम करते हैं, और श्रद्धालुओं का उत्साह मौसम या कठिन परिस्थितियों से प्रभावित नहीं होता।