Maharashtra: 35 रुपए के लिए मर्डर की कोशिश, मुंबई में युवक ने दोस्त के चाचा को पेट्रोल डाल जलाया

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Shikha Bhardwaj

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से एक बेहद चौंकाने और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां महज 35 रुपए के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक युवक ने अपने दोस्त के चाचा पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि पीड़ित को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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पुलिस के मुताबिक, यह घटना मुंबई के एक रिहायशी इलाके में हुई। आरोपी युवक और पीड़ित के बीच 35 रुपए को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर आरोपी ने पहले पीड़ित से बहस की और फिर पेट्रोल निकालकर उस पर डाल दिया। इसके बाद आरोपी ने आग लगा दी। अचानक हुई इस वारदात से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाकर पीड़ित को बचाया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है। बताया जा रहा है कि पीड़ित का शरीर काफी हद तक झुलस गया है और उसका इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि विवाद बेहद मामूली रकम को लेकर था, लेकिन आरोपी ने गुस्से में आकर खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पेट्रोल कहां से हासिल किया और घटना के वक्त कोई और व्यक्ति इसमें शामिल था या नहीं।

इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती हिंसा और छोटी-छोटी बातों पर बेकाबू हो रहे गुस्से को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर दहशत है और वे आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।