महाराष्ट्र में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राज्य के कई जिलों में तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड बढ़ गई है। कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश भी हुई है। मौसम में इस बदलाव से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और हवाओं के रुख में बदलाव के चलते राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ठंड बढ़ी है। विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों में सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। कुछ जगहों पर बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में और गिरावट आई है।
बारिश के चलते किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। जहां कुछ इलाकों में यह बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं कटाई के समय हुई बारिश से नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। खासकर गेहूं, चना और सब्जी की फसलों पर मौसम के इस बदलाव का असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जिलों में सुबह के समय कोहरा भी देखने को मिल सकता है। हालांकि तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत भी मिल रहे हैं, लेकिन फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंड और बारिश के इस दौर में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और जरूरत न होने पर देर रात या सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।