मनरेगा के नए कानून को लेकर कांग्रेस ने राजस्थान से बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। पार्टी ने इसे गरीब और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर हमला बताते हुए प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।

‘सेव अरावली’ अभियान के बाद अब कांग्रेस ने मनरेगा के नए कानून के खिलाफ राजस्थान में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रदेश में मनरेगा के विरोध में कांग्रेस के धरना-प्रदर्शनों की शुरुआत हो चुकी है, वहीं इस मुद्दे को लेकर पार्टी ने 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी आंदोलन भी शुरू कर दिया है।
कांग्रेस ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक मनरेगा के नए कानून को वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी कड़ी में रविवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कई घंटों तक उपवास पर बैठे और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया।
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के नए कानून में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनसे मजदूरों के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यह कानून गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ है और इसी वजह से पार्टी इसे लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।