
अंबाला सिटी। धूलकोट में नव वर्ष के उपलक्ष्य में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर निराकरी जागृति मिशन के गद्दीनशीन चेयरमैन श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने कहा कि मनुष्य गलतियों का पुतला है। अनायास ही जाने अनजाने में बहुत गलतियां हो जाती हैं। संसार में हरेक जीव गुनहगार है। क्षमा कर देना और क्षमा मांग लेना मनुष्य का सर्वश्रेष्ठ गुण है।
प्रार्थना और भक्ति में बहुत शक्ति होती है। जब आप मन वचन और कर्म तथा समर्पित और शरणागत भाव से प्रार्थना करते है तो परमात्मा आपकी आवाज को सुनता है और जब आप ध्यान साधना करते हो तो आप परमात्मा की आवाज को सुनते हैं। कार्यक्रम के बाद प्रबंधक कमेटी ने संत महापुरुषों को स्मृति चिह्न और शाल भेंटकर सम्मानित किया और सतगुरु का अटूट भंडारा बरताया गया।