लुधियाना। शिरोमणि अकाली दल (ब) से जुड़े एक बड़े विवाद ने पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। यूथ अकाली दल के सीनियर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुखजीत सिंह बग्गी झोरड़ां, जो फिलहाल जेल में बंद हैं, उनकी विवादित पुश्तैनी जमीन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि हथियारबंद युवकों ने उनकी 16 एकड़ में खड़ी गेहूं और आलू की फसल पूरी तरह नष्ट कर दी, जबकि 4 एकड़ में खड़ी धान की फसल काटने तक नहीं दी। इतना ही नहीं, जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर कंटीली तार भी लगा दी गई।
पार्टी की ओर से जिले के अध्यक्ष चंद सिंह डल्ला ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई के पीछे सरकार और स्थानीय विधायक हाकम सिंह ठेकेदार का दबाव है। उन्होंने घटना को अपराधिक साज़िश और अदालती आदेशों की अवहेलना बताया। डल्ला ने कहा कि यदि बग्गी को न्याय नहीं मिला तो पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में जोरदार संघर्ष छेड़ा जाएगा।
मामले की पृष्ठभूमि में बग्गी झोरड़ां का जेल में होना और रायकोट SDM रिश्वतकांड में उनका नाम आना बताया जा रहा है। 12 जून को रिश्वत मामले में 24 लाख 6 हजार रुपये बरामद होने के बाद उन पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके चलते वे न्यायिक हिरासत में हैं।
उधर, विधायक हाकम सिंह ठेकेदार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की ओर से उन्हें बदनाम करने की राजनीतिक चाल है और उन्हें जमीन पर कब्जे की कोई जानकारी नहीं है।
प्रेस वार्ता में मौजूद कई वरिष्ठ अकाली नेताओं ने इस घटना को राजनीतिक रूप से संवेदनशील और कानूनी तौर पर गंभीर बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।