महागठबंधन का एलान: तेजस्वी मुख्यमंत्री का चेहरा, सहनी की जिद पूरी; गहलोत बोले- डिप्टी सीएम एक से ज्यादा होंगे|

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Bihar Assembly Election 2025: महागठबंधन के सभी घटक दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। सीट बंटवारा अब तक नहीं हुआ है। लेकिन संयुक्त प्रेस वार्ता में सभी दलों ने एकजुट होने का संदेश दिया। साथ ही तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित कर दिया।

विस्तार

बिहार चुनाव को लेकर महागठबंधन ने गुरुवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद के चेहरों का एलान कर दिया। महागठबंधन ने स्पष्ट कहा कि पूरा गठबंधन एकजुट है। बिहार में बदलाव लाने के लिए तैयार है। महागठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव होंगे। वहीं मुकेश सहनी को महागठबंधन ने उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया है। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि, सरकार बनने पर अन्य वर्गों से भी उपमुख्यमंत्री बनाएं जाएंगे। सभी दलों ने एक स्वर में कहा कि भारी बहुमत से हमलोग सरकार बनाने जा रहे हैं। वहीं वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि हमलोग पिछले साढ़े तीन साल से इस समय का इंतजार कर रहे थे। हमलोगों ने प्रण लिया था कि जब तक भाजपा को तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं। आज वह समय आ चुका है। चुनाव के बाद बिहार की जनता भाजपा को खदेड़ देगी। महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है।

वहीं भाकपा माले के वरिष्ठ नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में कुछ चंद सीटों के कारण हमलोग सरकार नहीं बना पाए। आज फिर से वह समय आया है। नीतीश सरकार ने छात्रों के साथ अन्याय किया। उनपर लाठियां बरसाई। महिलाओं को रोजगार योजना के नाम पर 10 हजार देकर छल किया। पूरे देश में लोगों की आशंका है कि क्या बिहार में महाराष्ट्र चुनाव वाला किस्सा दोहराया जाएगा। लेकिन, हम लोगों को आश्वास्त करते हैं कि बिहार बिल्कुल तैयार है। महागठबंधन के सातों दल पूरी एकता के साथ बदलाव के एजेंडे को पूरा करेंगे।

तेजस्वी सीएम और मुकेश सहनी डिप्टी सीएम होंगे
वहीं राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में एनडीए को अच्छी टक्कर दी। पिछले चुनाव में महागठबंधन मामूली वोटों के अंतर से पीछे रह गए। एनडीए संवैधानिक संस्थाओं को दुरुपयोग कर खेला करना चाहताा है। यह लोग चुनाव जीतने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। इस चुनाव में अगले मुख्यमंत्री के रूप में हमलोग तेजस्वी यादव को चुनते हैं। वह नौजवान हैं। जो कहते हैं करते हैं। अब तक जो वादे किए, उसमें खड़े उतरे। इसलिए महागठबंधन ने फैसला लिया है कि हमलोगों का मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे। वहीं अशोक गहलोत ने कहा कि मुकेश सहनी की पार्टी महागठबंधन के प्रमुख दलों में से एक हैं। उनकी छवि को देखते हुए महागठबंधन उन्हें डिप्टी सीएम का फेस घोषित करता है।

तेजस्वी यादव ने पूछा अमित शाह से यह सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन को नया बिहार बनाना है। इसलिए हमलोग एकजुट हुए हैं। हमलोग इस निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प ले चुके हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के साथ एनडीए में अन्याय किया गया है। एनडीए ने एक बार भी संयुक्त प्रेस वार्ता नहीं की। अब तक मुख्यमंत्री का चेहरा नीतीश कुमार को घोषित किया गया है। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने मुहर लगा दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विधायक दल का नेता मुख्यमंत्री तय करेगा। लेकिन, क्या कारण है कि आपलोग नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं घोषित कर रहे हैं? आपलोग पिछले 20 साल में कई जगह मुख्यमंत्री का चेहरा चुनाव से पहले घोषित कर चुके हैं। पिछले चुनाव में भी आपलोगों ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया था। लेकिन, इस बार क्या कारण है कि उन्हें सीएम फेस घोषित नहीं कर रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा, सीएम नीतीश कुमार की पार्टी को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र में सरकार हैं लेकिन देश का सबसे ज्यादा गरीब और पिछड़ा राज्य बिहार है। अभी 70 हजार का घोटाले की बात आई सीएजी की रिपोर्ट में लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सृजन घोटला और बालिका गृह में क्या हुआ? यह सबने देखा। एनडीए सरकार में लगातार पुल गिर रहे हैं। चूहे शराब पी रहे हैं। रोज गोलियां चलती है। यहीं बगल में गोपाल खेमका की हत्या हो गई। मेरे घर के बाहर गोलियां चली लेकिन कुछ नहीं हुआ। लगातार भ्रष्टाचार और अफसरसाही से लोग परेशान हो चुकी हैं। यह लोग प्रचार में भी चले गए लेकिन एक भी एजेंडा नहीं बताया कि अगले पांच साल में क्या करेंगे। अब तक पीएम मोदी या गृह मंत्री अमित शाह ने अपना एजेंडा नहीं रखा। यह लोग महागठबंधन का नकल करने में लगे हुए है। हमलोग जिस योजना की बात करते हैं, उसका नकल यह लोग कर लेते हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए वाले नकलची हैं। इनके नेता थके हुए हैं। यह लोग बिहार को ठगने में लगे हुए हैं। हमलोगों ने पांच लाख नौकरियां दी। साढ़े तीन लाख नौकरियां प्रक्रियाधीन करवाई। हमलोगों ने यह घोषणा की है कि महागठबंधन की सरकार बनते ही हर परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। माई-बहिन मान योजना लागू करेंगे। गैस सिलेंडर को पांच सौ रुपया करेंगे। जीविका दीदी को स्थायी नौकरी और 30 हजार रुपया प्रतिमाह देने का एलान किया। इसके अलावा बिहार सरकार में काम करने संविदाकर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता परिवर्तन चाहती है।

इधर, प्रेस वार्ता शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत समेत महागठबंधन के सभी वरिष्ठ नेता होटल पहुंचे। तेजस्वी यादव सबसे पहले अशोक गहलोत के कमरे में गए। बंद कमरे में बातचीत हुई। इसके बाद दोनों नेता महागठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेताओं के साथ प्रेस वार्ता में पहुंचे। 

केवल तेजस्वी यादव की फोटो पर विवाद
महागठबंधन की प्रेस कॉफ्रेस शुरू होने से पहले एक तस्वीर को लेकर विवाद हो गया। इसमें केवल नेता प्रतिपक्ष की ही तस्वीर है। इस पोस्टर के बाद सियासत गरमा गई।बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के स्थल पर लगे पोस्टरों से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तस्वीर गायब होने की बात कही। इसके बाद कांग्रेस नेता उदित राज ने पलटवार कर कहा कि राहुल गांधी ही राजद और अन्य दलों के लिए बिहार में चुनाव प्रचार की मुख्य ज़िम्मेदारी संभालने वाले हैं। हमें इन पोस्टरों के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। प्रदीप भंडारी को सही समय आने पर इसका जवाब मिल जाएगा। वहीं इस मामले पर अमर उजाला ने भाकपा माले के वरिष्ठ नेता दीपांकर भट्टाचार्य से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तो एक ही होता है।

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गहलोत बोले- हम मिलकर चुनाव प्रचार करेंगे
वहीं बुधवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने राजद प्रमुख लालू और तेजस्वी यादव से मुलाकात की। बैठक के दौरान सीटों का विवाद, चुनाव प्रचार समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई। राबड़ी आवास से निकलने के बाद अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के साथ अच्छी बातचीत हुई। कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है, जिसमें सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं, और 5-10 सीटों पर आपसी सहमति से ‘फ्रेंडली फाइट’ हो सकती है। हम मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे।

अल्लावरू ने कहा- आज सारी जानकारी दी जाएगी
वहीं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद, बिहार के लिए एआईसीसी प्रभारी कृष्ण अल्लावरू ने कहा कि बिहार चुनाव पर हमारी आगे की रणनीतियों को लेकर चर्चा हुई, और इस पर बात हुई कि सरकार बनने के बाद हम राज्य की जनता के लिए कैसे काम कर सकते हैं। वहीं कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट के सवाल पर उन्होंने कहा कि कल यानी 23 अक्तूबर को हर तरह की जानकारी दी जाएगी। एनडीए को यह जवाब देना चाहिए कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में क्या किया है? चुनाव में मुद्दा यही है कि आपने क्या किया है? हम बताएंगे कि हम आने वाले पांच साल में क्या करेंगे।

243 सीट पर महागठबंधन ने 254 उम्मीदवार उतारे
राजद ने 143, कांग्रेस ने 60, भाकपा माले ने 20, वीआईपी ने 15, सीपीआई ने नौ, सीपीएम ने चार और आईआईपी ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। यानी कुल मिलाकर 254 सीट। 12 सीटें ऐसी हैं जहां फ्रेंडली फाइट की स्थिति बन गई है। हालांकि, कुछ सीटों से नामांकन वापस भी लिए गए। जैसे, लालगंज में राजद प्रत्याशी शिवानी शुक्ला के खिलाफ मैदान में उतरे कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य राजा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसी तरह गौड़ाबौराम में वीआईपी उम्मीदवार के नामांकन के बाद राजद ने अपने उम्मीदवार बैठा दिया। वहीं दो सीट सुगौली और मोहनिया में महागठबंधन के प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया।

10 सीटों पर कांग्रेस के सामने महागठबंधन के अन्य दल
60 में से 10 सीट (वारसिलीगंज, नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली, सिकंदरा, बछवाड़ा, बिहारशरीफ, करगहर और राजापाकड़ सीट) पर कांग्रेस के सामने राजद, सीपीआई और वीआईपी है। छह सीट वारसिलीगंज, नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली और सिकंदरा सीट पर राजद के उम्मीदवार कांग्रेस को चुनौती दे रहे हैं।

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