माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की है कि अक्तूबर महीने से विडोंज 10 का सपोर्ट खत्म हो जाएगा। कंपनी ने यूजर्स के लिए फ्री और पेड अपडेट प्लान पेश किया है। जानें कैसे पा सकते हैं फ्री अपडेट या कौन-सा प्लान चुनना सही रहेगा?

विस्तार
अगर आप अभी भी विंडोज 10 का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की है कि इस महीने विंडोज 10 का सपोर्ट खत्म हो रहा है। इसका मतलब है कि अब यूजर्स को सुरक्षा अपडेट और सिस्टम पैच नहीं मिलेंगे। यह फैसला दुनिया भर में करोड़ों विंडोज 10 यूजर्स को प्रभावित करेगा। माइक्रोसॉफ्ट ने मौजूदा यूजर्स के लिए दो विकल्प दिए हैं-या तो वो विंडोज 11 में अपग्रेड करें या फिर अपने सिस्टम के लिए पेड अपडेट्स खरीदें। भारत जैसे प्राइस सेंसिटिव बाजार में जहां हर कोई नया पीसी नहीं खरीद सकता यह फैसला काफी मायने रखता है।
विंडोज 10 का ऑफर: मुफ्त में अपडेट पा सकते हैं यूजर्स
माइक्रोसॉफ्ट ने भारतीय यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा तरीका पेश किया है जिससे बिना ज्यादा खर्च किए विंडोज 10 को सुरक्षित रखा जा सके। कंपनी ने एक फ्री अपडेट विकल्प जारी किया है, जिसके तहत यूजर्स कुछ शर्तें पूरी करने पर मुफ्त अपडेट पा सकते हैं।
कैसे मिलेगा विंडोज 10 फ्री अपडेट?
माइक्रोसॉफ्ट ने रिवॉर्ड पाइंट्स की घोषणा की है जिसमें कि यूजर्स 1,000 माइक्रोसॉफ्ट रिवॉर्ड पाइंट्स रिडीम करके या फिर अपने डेटा का बैकअप विंडोज बैकअप क्लाउड एप में लेकर फ्री अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। इन पॉइंट्स को यूजर्स माइक्रोसॉफ्ट की सेवाओं का इस्तेमाल करके कमा सकते हैं-जैसे माइक्रोसॉफ्ट बिंग ब्राउजर पर सर्च करना, माइक्रोसॉफ्ट स्टोर से खरीदारी करना, एक्सबॉक्स में गेम खेलना, या माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से जुड़ी अन्य गतिविधियां करना।
पेड अपडेट प्लान का विकल्प भी मौजूद
जो यूजर्स पॉइंट्स जमा नहीं करना चाहते उनके लिए कंपनी ने एक पेड एक्सटेंडेड सिक्योरिटी अपडेट (ESU) प्लान भी जारी किया है। इस प्लान की कीमत $30 (करीब ₹2,550) सालाना रखी गई है। यह सपोर्ट 15 अक्तूबर 2025 से 13 अक्तूबर 2026 तक उपलब्ध रहेगा। हालांकि भारत में लोकल प्राइसिंग का खुलासा अभी नहीं हुआ है। माइक्रोसॉफ्ट के वरिष्ठ अधिकारी यूसुफ मेहदी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि यह प्लान उन लोगों के लिए बनाया गया है जो तुरंत विंडोज 11 में अपग्रेड नहीं कर सकते।
फ्री अपडेट का रास्ता थोड़ा मुश्किल
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि जरूरी 1,000 पॉइंट्स इकट्ठा करने में समय लग सकता है खासकर अक्तूबर की डेडलाइन नजदीक होने के कारण। ऐसे में कई यूजर्स सुविधा के लिए पेड ESU प्लान का विकल्प चुन सकते हैं।
क्यों खत्म किया जा रहा है विंडोज 10 सपोर्ट?
माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला उसकी नई रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह यूजर्स को विंडोज 11 और कोपायलट+ पीसी की ओर शिफ्ट करना चाहती है। कंपनी का दावा है कि विंडोज 11 में विंडोज 10 के मुकाबले 62% कम सिक्योरिटी समस्याएं, 3 गुना कम फर्मवेयर अटैक, और 2.3 गुना तेज परफॉर्मेंस मिलती है। इसके अलावा विंडोज 11 में एआई-पावर्ड फीचर्स जैसे-रिकॉल, कोक्रिएटर इन पेंट, रिस्टाइल इन फोटोज और कोपायलट विजन शामिल हैं, जो एसर, असुस, डेल, एचपी, लेनोवो, सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट सर्फेस जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी में विकसित किए गए हैं।