उदयपुर: हिरण मगरी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो गरीब और अनपढ़ लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाता और फिर उन्हें साइबर ठगों को बेच देता था। इस काम के बदले आरोपी मोटा कमीशन कमाते थे।

ट्रांसपोर्ट ऑफिस के बाहर दबिश
थानाधिकारी भारत योगी ने बताया कि मंगलवार रात पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक बैंक खाते बेचने के लिए सौदा करने वाले हैं। इस पर डीएसटी प्रभारी श्यामसिंह रत्नू के नेतृत्व में टीम ने ट्रांसपोर्ट ऑफिस के बाहर दबिश देकर प्रवीण निरवाल (नोखा), माधवेंद्र सिंह (नवरत्न कॉम्प्लेक्स) और भाग्येश लोहार (सुंदरवास) को गिरफ्तार कर लिया।
खाते बेचने का नेटवर्क
गिरफ्तार युवकों से पुलिस ने 2 चेकबुक, 1 पासबुक, 4 एटीएम कार्ड और 4 मोबाइल फोन बरामद किए। ये दस्तावेज नाथद्वारा निवासी इंदर, डूंगरपुर निवासी अजय और मल्लातलाई निवासी शेर अली शाह के नाम पर जारी हुए थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले भी कई बार ऐसे खाते बेच चुके हैं।
5 सितंबर को आरोपी माधवेंद्र को नागेंद्र नामक व्यक्ति ने फोन कर खाते से जुड़े दस्तावेज मंगवाए थे। वहीं, प्रवीण ने डूंगरपुर के रवि चौधरी और नागेंद्र रावल को खाते बेचे थे, जिसके बदले उसे 30 हजार रुपये कमीशन मिला था। भाग्येश ने भी नागेंद्र को कई खाते उपलब्ध कराए थे।
ऐसे करते थे ठगी का इंतज़ाम
पुलिस के अनुसार आरोपी गरीब और अनपढ़ लोगों को थोड़े पैसों का लालच देकर बैंक अकाउंट खुलवाते थे। इसके बाद उनकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और नए सिम कार्ड अपने कब्जे में रख लेते थे। फिर ये दस्तावेज साइबर ठगों को बेच दिए जाते, जो इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और अवैध लेन-देन में करते थे।