- एम्स के मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी कहते हैं, आपके आहार सहित जीवनशैली के विकल्पों में सुधार कैंसर के जोखिम को कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। कम उम्र से ही इसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।

दुनियाभर में कैंसर को सबसे घातक बीमारी माना जाता है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक साल 2022 में दुनियाभर में लगभग 9.7 मिलियन (97 लाख) लोगों की कैंसर से मौत हुई। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यह संख्या साल 2050 तक बढ़कर प्रतिवर्ष 18.2 मिलियन (1.82 करोड़) तक हो सकती है, जिसको लेकर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहने की जरूरत है।
कुछ दशकों पहले तक कैंसर को उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30 से कम उम्र के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से रिपोर्ट किए जा रहे हैं। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तनाव, प्रदूषण, तंबाकू और शराब का अधिक सेवन इसका जोखिम बढ़ाता जा रहा है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को कैंसर की दिक्कत रही हो उनमें इस बीमारी का खतरा और अधिक हो सकता है।
भारतीय आबादी में कैंसर के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए एम्स के विशेषज्ञ ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं, जिनपर अगर कम उम्र से ही ध्यान दे दिया जाए तो इस बीमारी से बचे रहने में मदद मिल सकती है।

कैंसर दुनियाभर में हर साल होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। इसे लगभग हर छह में से एक मौत का कारण माना जा रहा है। अगले 25 वर्षों में ये रोग और इससे मौत के मामलों में और भी उछला आने की आशंका जताई जा रही है।
इसी खतरे को देखते हुए एम्स के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी बताते हैं आपके आहार सहित जीवनशैली के विकल्पों में सुधार कैंसर के जोखिम को कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। कम उम्र से ही इसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। फाइबर युक्त आहार का अधिक सेवन, शराब से दूरी के साथ खाने के लिए सही तेल का चयन इसमें आपके लिए मददगार हो सकते हैं।

डॉ सेठी ने कैंसर के खतरे को कम करने के आठ प्रभावशाली तरीके बताए हैं। एक वीडियों में उन्होंने जोर देकर कहा कि शोध के आधार पर पता चलता है कि अगर रोजाना इनका पालन किया जाए, तो ये आदतें वाकई में फर्क ला सकती हैं। आज के छोटे-छोटे कदम कल आपके स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं। चूंकि कैंसर सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करने वाली समस्या है इसलिए बचपन से ही इसपर ध्यान देना जरूरी है।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड चीजों से बनाएं दूरी
बीएमजे जर्नल में प्रकाशित साल 2024 के एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग अधिक मात्रा में अल्ट्रा प्रोसेस्ड चीजों का सेवन करते हैं उनमें कैंसर का खतरा उन लोगों की तुलना में 20-30 प्रतिशत अधिक होता है जो इनसे दूर हैं।
फाइबर वाली चीजें फायदेमंद
अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना 10 ग्राम फाइबर का सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को 10 प्रतिशत तक कम करता है।
प्रोसेस्ड मीट है नुकसानदायक
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि प्रतिदिन 50 ग्राम प्रोसेस्ड मीट खाने से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 18 प्रतिशत बढ़ जाता है। 10 अध्ययनों के विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि रेड मीट के सेवन से जुड़े कैंसर के जोखिम का अनुमान लगाना ज्यादा मुश्किल है क्योंकि इसके प्रमाण उतने मजबूत नहीं हैं। फिर भी ये कई ऐसी स्थितियों का कारण बन सकता है जो कैंसर बढ़ाने वाली होती हैं।
खाने के लिए चुनें फायदेमंद तेल
खाने के लिए तेल का चयन भी सही तरीके से करना जरूरी है। अध्ययनों में पाया गया है कि जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) को आहार में शामिल करना कैंसर के जोखिमों को 30 प्रतिशत तक कम करने में मददगार हो सकता है।
शराब से बना लें दूरी
डॉ सेठी कहते हैं, शराब 7 अलग-अलग कैंसर का कारण हो सकती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ का कहना है कि दिन में एक ड्रिंक भी स्तन कैंसर के जोखिम को 7-10 प्रतिशत तक बढ़ा देती है। इससे दूरी बनाना बहुत जरूरी है।

वजन को कंट्रोल करें
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, अध्ययनों में पाया गया है कि मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर से जुड़ा है और अमेरिका में सभी कैंसर के मामलों में से 40 प्रतिशत इसी के कारण होता है। इसीलिए वजन को कंट्रोल करना अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
नियमित व्यायाम की आदत जरूरी
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, नियमित व्यायाम कोलन, स्तन और एंडोमेट्रियल कैंसर के खतरे को 20-40 प्रतिशत तक कम करता है।
नींद पूरी करना जरूरी
क्रॉनिक स्ट्रेस और खराब नींद प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करती है और ट्यूमर के विकास को बढ़ावा दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, रात में 6 घंटे से कम नींद लेने वालों में कैंसर से मृत्यु दर 24 प्रतिशत अधिक हो सकती है। नींद और तनाव का संतुलन कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है।
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