कानपुर। सचेंडी के लालूपुर में हुए शिवबीर हत्याकांड में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपी पत्नी लक्ष्मी और उसके प्रेमी भांजे अमित ने पुलिस पूछताछ में हत्या कबूल कर ली। जांच में पता चला कि दोनों के बीच रोज रात में घंटों फोन पर बातचीत होती थी। साल भर में दोनों ने दो हजार से अधिक कॉल की थीं।
हत्या की योजना और घटना
दस माह पहले लक्ष्मी ने भांजे अमित के साथ मिलकर पति शिवबीर (45) की हत्या की। शव को घर के पीछे के खेत में गाड़ दिया। बाद में कुत्तों ने अस्थियां बाहर निकाल दी, जिसे दोनों ने बोरे में भरकर पनकी नहर में फेंक दिया।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुए साबड़ और फावड़े को बरामद किया। जांच टीम ने बाग में खोदाई कर हड्डियों के अवशेष, बाल के गुच्छे, लॉकेट, बेल्ट और नमक के खाली पाउच बरामद किए।

परिवार और संदर्भ
शिवबीर मूलरूप से बांदा के मवई चौराहा के रहने वाले थे। लगभग 20 साल पहले गुजरात में नौकरी के दौरान लक्ष्मी से प्रेम विवाह किया। उनका परिवार सचेंडी में रहता था, जिसमें दो बेटे (18 और 8 वर्ष) और 13 वर्षीय बेटी शामिल हैं। लक्ष्मी और अमित के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं क्योंकि अमित घर में अक्सर आता-जाता था।
कॉल डिटेल से खुला खेल
शिवबीर के लापता होने पर सास सावित्री देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में लक्ष्मी का मोबाइल चेक किया गया, जिसमें रोज रात को अमित से घंटों की बातचीत सामने आई। इस तथ्य ने पुलिस को हत्या की योजना पर संदेह मजबूत कर दिया।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर बाग में शव के अवशेषों के साथ साक्ष्य जुटाए। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने बताया कि मामले में हत्या और अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला कानपुर में भांजे के प्रेम में पत्नी द्वारा पति की हत्या का दुर्लभ और सनसनीखेज उदाहरण है।