
बादली। कंबोडिया से निर्वासित कर भारत लाया गया गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला (48) साल 2000 में अपने चाचा और ताऊ की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में आया था। इसके बाद वह एक के बाद एक वारदात करता चला गया और पीछे मुड़कर नहीं देखा। प्रदेश के मोस्ट वांटेड बदमाशों की सूची में भी कभी वह नंबर वन पर रहा है। अब मैनपाल को भारत लाए जाने की खबर से चर्चाओं का दौर फिर से शुरू हो गया है। बादली गांव निवासी मैनपाल ढिल्ला ट्रैक्टर ठीक करने का काम सीखता था। साल 2000 में गली से पानी निकासी के विवाद में अपने सगे चाचा हेमचंद्र की हत्या कर दी थी। इस वारदात के कुछ दिन बाद उसने अपने ताऊ ओमप्रकाश को भी मार डाला था। दो हत्याओं के बाद से उसका खौफ गांव में फैल गया था।
बाद में उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, आपराधिक षड्यंत्र और जेल अधिनियम के कई संगीन मामले दर्ज हुए। हरियाणा पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया। इधर, बुधवार को भारत लाए जाने के बाद से मैनपाल के परिवार का कोई भी सदस्य कुछ भी नहीं बोल रहा है। बता दें मैनपाल अविवाहित है। उसके तीन भाई और दो बहनें हैं।