जम्मू में तबाही की बारिश हो रही है। कोई सिर पर गठरी तो कोई कंधे पर बच्चों को उठाकर भागा। परिवार मकान छोड़ने को मजबूर हो गए। बहाव तेज होने के बाद प्रशासन ने विश्वविद्यालय होस्टल खाली करवाया है।

जम्मू में तवी नदी में बाढ़ से राजीव कॉलोनी और जम्मू विश्वविद्यालय पर सबसे ज्यादा असर दिखा है। यहां जलभराव से कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित जगह चले गए हैं। तवी में बाढ़ आने के बाद प्रशासन ने जम्मू विश्वविद्यालय के हॉस्टल को खाली करवा दिया है। राजीव कॉलोनी में ज्यादातर घरों के निचले तल जलमग्न हो गए हैं और इनमें रखा सामान भी बर्बाद हो गया। प्रशासन ने तवी नदी में बाढ़ आने का अलर्ट जारी किया था।
तवी का जलस्तर मंगलवार को बढ़ना शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे के बाद तक नदी के रौद्र रूप ने राजीव कॉलोनी में पानी आना शुरू हो गया। पानी कॉलोनी में घुसता देख लोगों में अफरातफरी मच गई। आननफानन में अपना सामान समेट भरी बारिश के बीच बाहर निकलना शुरू हो गए। कोई सिर पर गठरी उठाकर तो कोई कंधे पर बच्चों को उठाकर जान बचाने के लिए भागता नजर आया। जब लोग घरों से बाहर निकल रहे थे तब बारिश की वजह से सड़क पर जलभराव भी था।





शहर में भारी बारिश के बीच दोपहर तक सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन जैसे ही तवी के पुलों पर वाहनों की आवाजाही बंद करने और भगवतीनगर एक पुल के हिस्से के धंसने की सूचना मिली चारों ओर दुकानों के शटर गिरने लगे। काली घटाएं माहौल को और डरावना कर रही थीं। रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, रेजीडेंसी रोड, राजेंद्र बाजार, कनक मंडी, पुरानी मंडी, शालामार, लिंक रोड, जैन बाजार, चौक चबूतरा, पक्का डंगा, कच्ची छावनी, राज तिलक रोड, मोती बाजार, पीर मिट्ठा आदि बाजार देखते ही देखते बंद हो गए।
