पूर्वांचल के कई जिलों में अग्निवीर भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी कागजात इस्तेमाल करने के मामले उजागर हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन कृत्यों की जानकारी खुद अभ्यर्थियों के रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने सेना के अधिकारियों तक पहुंचाई। अब सेना ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। दोषी पाए जाने पर न केवल उम्मीदवारों पर बल्कि संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
सेना भर्ती कार्यालय वाराणसी के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही, चंदौली, सोनभद्र और वाराणसी जिलों में सात से 25 नवंबर तक अग्निवीर भर्ती रैली प्रस्तावित है। इसी बीच सात अभ्यर्थियों के खिलाफ फर्जी प्रमाणपत्र और मार्कशीट जमा करने के मामले सामने आए हैं।
केस-1:
गोरखपुर निवासी शुभम पर छह महीने पहले ही आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बावजूद उसने कथित रूप से फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र बनवाकर भर्ती की तैयारी की। इस जानकारी को शुभम के करीबी दोस्त ने ही भर्ती कार्यालय तक पहुंचाया।
केस-2:
गाजीपुर के रहने वाले रोहन के पास हाईस्कूल की मूल मार्कशीट नहीं थी। फेल होने के बाद उसने कथित रूप से पैसा देकर नकली मार्कशीट तैयार कराई। इसकी सूचना उसके चचेरे भाई ने सीधे सेना के अधिकारियों को दी।
सेना की सख्ती
अधिकारियों ने साफ किया है कि फर्जी कागजातों के आधार पर भर्ती होने की कोशिश करने वाले किसी भी उम्मीदवार को बख्शा नहीं जाएगा। जिन भी मामलों में दोष साबित होगा, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होगी। साथ ही जिन विभागों से गलत प्रमाणपत्र जारी हुए हैं, उनसे जवाब भी तलब किया जाएगा।