नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक हाई-टेक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने अमेरिकी नागरिकों से 350 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की। जांच एजेंसी ने तीन मुख्य आरोपियों — जिगर अहमद, यश खुराना और इंदरजीत सिंह बाली — को गिरफ्तार किया है।
CBI अधिकारियों के अनुसार, एफबीआई के साथ मिलकर की गई संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के ठिकानों से 54 लाख रुपये नकद, कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत जब्त किए गए। गिरोह तकनीकी सहायता देने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों के सिस्टम तक पहुंच बना लेता था और उन्हें विश्वास दिलाता था कि उनके बैंक खाते हैक हो गए हैं। इसके बाद पीड़ितों को अपनी रकम क्रिप्टो वॉलेट्स में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता था।
अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर और दिल्ली में छापेमारी के दौरान एक अवैध कॉल सेंटर का भी भंडाफोड़ हुआ, जहां 34 लोग साइबर अपराध में शामिल पाए गए। वहां से 85 हार्ड ड्राइव, 16 लैपटॉप और 44 मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनमें अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी से जुड़े डाटा दर्ज थे।
CBI ने कहा कि ऑपरेशन चक्र-IV के तहत इंटरपोल और विदेशी एजेंसियों की मदद से ऐसे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई जारी है। फिलहाल इस मामले में वित्तीय लेन-देन, अवैध संपत्ति और अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच की जा रही है।