Archana Tiwari: अर्चना मिली, पर सवालों के जवाब बाकी, 13 दिन क्या-क्या हुआ, कैसे उस तक पहुंची GRP? जानें सब कुछ

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Shikha Bhardwaj

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इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही कटनी की अर्चना तिवारी 13 दिन बाद नेपाल बॉर्डर के पास मिलीं। GRP की टीम ने उन्हें वहां से लेकर भोपाल पहुंचाया। अब अर्चना को पुलिस के कड़े सवालों का सामना करना होगा, जिससे इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।Archana Tiwari Case Found After 13 Days Know How GRP Traced Her Details News in Hindiनर्मदा एक्सप्रेस से अचानक लापता हुई 28 वर्षीय अर्चना तिवारी को रानी कमलापति थाना की GRP टीम ने बरामद कर लिया है। सात अगस्त से गायब अर्चना 13 दिन बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के पालियाकलां, नेपाल बॉर्डर के पास मिली। GRP टीम ने उन्हें भोपाल लेकर आकर सुरक्षा सुनिश्चित की। अब अर्चना से पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की जाएगी, जिससे इस रहस्यमय मामले की सच्चाई सामने आ सके।

अर्चना के अचानक लापता होने के बाद उनकी तलाश केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर में अभियान चलाया गया। अब सवाल यह उठता है कि 13 दिन बाद GRP टीम को अर्चना का पता कैसे चला और उनसे कौन-कौन से सवाल किए जाएंगे।Archana Tiwari Case Found After 13 Days Know How GRP Traced Her Details News in Hindiसबसे पहले जानिए क्या है मामला?

28 वर्षीय अर्चना तिवारी कटनी जिले, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। वह इंदौर के सत्कार छात्रावास में रहकर सिविल जज बनने की तैयारी कर रही थीं। रक्षाबंधन के मौके पर अर्चना अपने घर जाने के लिए इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस में बी-3 एसी कोच की सीट पर बैठकर यात्रा कर रही थीं।

8 अगस्त की सुबह ट्रेन कटनी स्टेशन पर पहुंची, लेकिन अर्चना वहां नहीं उतरी। परिजन उनकी गैरमौजूदगी से चिंतित हो गए और उन्होंने उमरिया में रहने वाले अर्चना के मामा को तुरंत सूचित किया। मामा एसी कोच की बी-3 सीट पर पहुंचे और देखा कि अर्चना का पर्स और अन्य सामान तो वहीं रखा हुआ था, साथ ही एक बैग में उनके कपड़े भी मौजूद थे, लेकिन अर्चना अपनी सीट पर नहीं थीं।

यात्रियों ने मामा को बताया कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाद से अर्चना अपनी सीट पर दिखाई नहीं दी थीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। Archana Tiwari Case Found After 13 Days Know How GRP Traced Her Details News in Hindiचाची से हुई थी आखिरी बार बात

अर्चना के अचानक लापता होने की खबर से उनके परिवार वाले गहरे संकट में पड़ गए। उन्होंने तुरंत जीआरपी को सूचित किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी खोज शुरू की। जांच में पता चला कि यात्रा के दौरान अर्चना ने अपनी चाची से बात की थी, और तब वह भोपाल में ही थीं। इसके बाद उनका मोबाइल नंबर बंद हो गया।

नौ अगस्त को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्रोतों से जांच तेज की। इस दौरान अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी में पाई गई। GRP टीम ने इटारसी पहुंचकर उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अगले दिन, 13 अगस्त को नर्मदापुर रेलवे स्टेशन और नर्मदा नदी के आसपास के इलाकों में तलाशी ली गई, फिर भी अर्चना का कोई सुराग नहीं मिला।Archana Tiwari Case Found After 13 Days Know How GRP Traced Her Details News in Hindiबीमार होकर घर लौटे भाई और बड़े पापा

15 अगस्त को GRP की टीम ने भोपाल से कटनी तक अर्चना की खोजबीन में पूरा प्रयास किया। जांच में इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी के GRP स्टेशनों को भी शामिल किया गया। भोपाल GRP ने सभी थानों और एसपी को रेडियो संदेश के माध्यम से अर्चना की जानकारी साझा की, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।

अर्चना की तलाश में उसके तीन भाई और बड़े मामा बाबू प्रकाश तिवारी भी सक्रिय रूप से जुटे रहे। हालांकि लगातार कोशिशों के बावजूद परिणाम न मिलने के कारण वे 17 अगस्त को वापस घर लौट आए।Archana Tiwari Case Found After 13 Days Know How GRP Traced Her Details News in Hindi

पुलिस कांस्टेबल से जुड़े अर्चना के तार 

भोपाल GRP की टीम ने अर्चना की तलाश लगातार जारी रखी और रेलवे ट्रैक तथा जंगलों में भी उसकी खोज की। इसी दौरान मामले के तार ग्वालियर तक पहुंचे। जांच में पता चला कि अर्चना ग्वालियर के भंवरपुरा थाने में तैनात आरक्षक राम तोमर के संपर्क में थी।

18 अगस्त को GRP ने आरक्षक राम तोमर को गिरफ्तार किया और उससे अर्चना के बारे में पूछताछ की। आरक्षक के फोन की भी जांच की गई। जांच में यह सामने आया कि राम तोमर ने अर्चना के लिए इंदौर से ग्वालियर तक बस का टिकट बुक कराया था। पूछताछ में आरक्षक ने दावा किया कि उसने कभी अर्चना से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला, केवल फोन पर ही संपर्क था। टिकट के बावजूद अर्चना ने बस का सफर नहीं किया और वह अगले दिन इंदौर से ट्रेन के माध्यम से कटनी के लिए रवाना हुई।Archana Tiwari Case Found After 13 Days Know How GRP Traced Her Details News in Hindiभोपाल पहुंची अर्चना तिवारी

आरक्षक तोमर की गिरफ्तारी के बाद, 19 अगस्त की सुबह अर्चना तिवारी ने अपनी मां को कॉल कर अपनी सुरक्षित स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने अपनी लोकेशन भी साझा की, जिससे GRP की टीम तुरंत उसे ढूंढने के लिए रवाना हुई। टीम ने अर्चना को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के पालियाकलां, नेपाल बॉर्डर के पास से बरामद किया।

20 अगस्त की सुबह GRP टीम अर्चना को भोपाल लेकर पहुंची, जहां उनके परिवार वाले भी उनसे मिलने भोपाल पहुंच चुके हैं।Archana Tiwari Case Found After 13 Days Know How GRP Traced Her Details News in Hindiअर्चना से पूछे जाने वाले मुख्य 10 सवाल इस प्रकार हैं:

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Author: Shikha Bhardwaj

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