मथुरा के जैंत में जमीन खाली कराने गई राजस्व विभाग की टीम के उस समय पसीने छूट गए, जब उनके सामने किसान संदिग्ध परिस्थितियों में आग की चपेट में आ गया। अधिकारियों ने आग बुझाते हुए, उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र के खुशीपुरा में पुलिस बल के साथ खांडसारी सहकारी समिति की जमीन खाली कराने गई राजस्व टीम के सामने किसान संदिग्ध परिस्थितियों में आग की चपेट में आ गया। अधिकारियों ने आग को बुझाया और झुलसे वृद्ध को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से उन्हें गंभीर हालात में एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर डीएम-एसएसपी भी जिला अस्पताल पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने कानूनगो और लेखपाल को निलंबित कर दिया है। साथ ही एडीएम को मामले की जांच सौंपी है।
अधिकारियों के मुताबिक, खुशीपुरा गांव में खांडसारी सहकारी समिति की जमीन है। मूलरूप से मेरठ के रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग सत्यभान का परिवार इस जमीन पर झोपड़ी डालकर रह रहा है। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, कानूनगो राजेंद्र और लेखपाल कपिल पुलिस बल के साथ जमीन खाली कराने के लिए गांव पहुंचे। राजस्व टीम ने जैसे ही जमीन से कब्जा हटाने का प्रयास किया तो सत्यभान के परिवार वाले विरोध करने लगे। देखते ही देखते गांव के लोगों की भीड़ जुट गई। इसी बीच सत्यभान संदिग्ध परिस्थितियों में आग की चपेट में आ गए। आग की लपटें देखकर मौजूद राजस्व टीम में अफरातफरी मच गई। परिजन व अधिकारियों ने कपड़ा और मिट्टी डालकर किसी तरह आग को बुझाया। आग बुझाने के दौरान वृद्ध की पुत्रवधू ललितेश भी झुलस गई। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायल का हाल जाना। डॉक्टरों ने घायल को गंभीर हालात में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया है। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि घटना के बाद डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने लापरवाही के चलते कानूनगो राजेंद्र और लेखपाल कपिल को निलंबित कर दिया है। साथ ही नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग पर निलंबन की तलवार लटक गई है। एडीएम एफआर की जांच के बाद नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। फिलहाल डीएम ने एडीएम को 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
वृद्ध के बेटे ने लगाया डीजल छिड़कर जलाने का आरोप
वहीं घायल के बेटे पुष्पराज ने गांव के ही कुछ लोगों पर डीजल छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि वह इस जमीन पर 30 साल से काबिज हैं। गांव के कुछ लोग इस जमीन को बेचना चाहते हैं। इसलिए वह प्रशासन का दबाव बनाकर खाली कराने चाहते हैं। बीते दिनों जमीन खाली करने के लिए प्रशासन ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
वहीं घायल के बेटे पुष्पराज ने गांव के ही कुछ लोगों पर डीजल छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि वह इस जमीन पर 30 साल से काबिज हैं। गांव के कुछ लोग इस जमीन को बेचना चाहते हैं। इसलिए वह प्रशासन का दबाव बनाकर खाली कराने चाहते हैं। बीते दिनों जमीन खाली करने के लिए प्रशासन ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि खांडसारी सहकारी समिति की जमीन खाली कराने राजस्व टीम गई थी। इस दौरान वृद्ध संदिग्ध परिस्थितियों में आग की लपटों में झुलस गए। मामले में लेखपाल और कानूनगो को निलंबित कर दिया गया है। एडीएम एफआर को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नायब तहसीलदार पर भी कार्रवाई की जाएगी।



