
अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन की परिषद ने अपनी जांच के आधार पर दावा किया है कि रूस ही मलेशिया एयरलाइंस के एमएच17 विमान को मार गिराने के लिए जिम्मेदार है। एमएच17 विमान हादसे में 298 लोगों की जान चली गई थी। नागरिक उड्डयन संगठन की परिषद के फैसले से अब विमान हादसे के पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। जांच में पता चला है कि एमएच17 विमान को यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में अलगाववादियों ने रूस की मदद से मार गिराया था।
ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड ने दायर किया था केस
डच नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय जांच समिति ने साल 2016 में कहा था कि एमस्टर्डम से कुआलालंपुर जाने वाले विमान को 17 जुलाई 2014 को यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में मार गिराया गया था। यूक्रेन के रूस समर्थक अलगाववादियों ने रूस से मिली मिसाइल प्रणाली से इस विमान को गिराया गया था। इससे विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि रूस ने इसमें अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलियाई सरकारों ने साल 2022 में वैश्विक विमानन एजेंसी के समक्ष रूस के खिलाफ मामला दायर किया था, जिस पर अब फैसला आया है। दोनों देशों ने फैसले का स्वागत किया है।
डच नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय जांच समिति ने साल 2016 में कहा था कि एमस्टर्डम से कुआलालंपुर जाने वाले विमान को 17 जुलाई 2014 को यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में मार गिराया गया था। यूक्रेन के रूस समर्थक अलगाववादियों ने रूस से मिली मिसाइल प्रणाली से इस विमान को गिराया गया था। इससे विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि रूस ने इसमें अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलियाई सरकारों ने साल 2022 में वैश्विक विमानन एजेंसी के समक्ष रूस के खिलाफ मामला दायर किया था, जिस पर अब फैसला आया है। दोनों देशों ने फैसले का स्वागत किया है।




