AMU: प्रवेश परीक्षा में पटना से दो परीक्षार्थी पकड़े, हेडफोन के जरिये बाहर बैठे सॉल्वर बता रहे थे जवाब

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प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि मामला विश्वविद्यालय की परीक्षा कमेटी के सामने रखा जाएगा। वह अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी। कुलपति उस पर फैसला लेंगी।

Two candidates from Patna caught in AMU entrance exam

एएमयू में कक्षा 11वीं की प्रवेश परीक्षा में पटना के आरपीएस रेजीडेंशियल स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर पकड़े गए दो अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष के बाहर बैठे सॉल्वर की मदद से पेपर हल कर रहे थे। इन अभ्यर्थियों ने बेहद छोटे हेडफोन ब्लूटूथ के जरिए अपने मोबाइल फोन से कनेक्ट किया हुआ था।

बायोकेमिस्ट्री विभाग के मोहम्मद फुरकान खान ने बताया कि इन अभ्यर्थियों के हाव-भाव संदिग्ध लगे, जिसके बाद उनकी तलाशी ली गई। तलाशी में उनके पास से मोबाइल फोन और हेडफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। इसे जब्त कर लिया गया है।

प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि पूरे प्रकरण को विश्वविद्यालय की परीक्षा कमेटी के सामने रखा जाएगा। वह अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी। कुलपति उस पर फैसला लेंगी। संभव है अभ्यर्थियों को कुछ वर्षों के लिए या हमेशा के लिए एएमयू की प्रवेश परीक्षा से डिबार कर दिया जाए।

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।