UP: बेटी संग उसके सपनों पर कफन देख फफक पड़े पिता, टॉप टेन में रहना चाहती थी, लेकिन… इसलिए छात्रा ने दी जान

Picture of planetnewsindia

planetnewsindia

SHARE:

प्रयागराज में कोचिंग के मासिक टेस्ट में कम नंबर आने से परेशान छात्रा ने खुदकुशी कर ली। न्यू मम्फोर्डगंज में बहन के साथ रहकर छात्रा नीट की कोचिंग कर रही थी। छात्रा का शव कमरे में फंदे से लटका था। पिता बिजनौर डीएम कार्यालय में कार्यरत हैं।

Girl Student low marks in monthly coaching test suicide In Prayagraj
नीट की कोचिंग के मासिक टेस्ट में कम नंबर आने से परेशान छात्रा ने फंदे से लटककर जान दे दी। वह बड़ी बहन के साथ न्यू मम्फोर्डगंज में आबकारी चौराहे पर किराये का कमरा लेकर रहती थी। शनिवार को उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला।

मृतका के पिता बिजनौर डीएम कार्यालय में कार्यरत हैं। बड़ी बहन की सूचना पर पहुंची कर्नलगंज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

बिजनौर के नगर कोतवाली क्षेत्र के साकेत कॉलोनी के रहने वाले सुखबीर सैनी बिजनौर डीएम कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। तीन बेटियों में दूसरे नंबर की प्रिंसी सैनी (18) अपनी बड़ी बहन राखी के पास सवा साल पहले प्रयागराज आई थी। वह यहां रहकर नीट की कोचिंग कर रही थी।

साथ ही गांव से 12वीं की भी पढ़ाई कर रही थी। बड़ी बहन राखी ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह सब्जी लेने कमरे से बाहर गई थी। इस दौरान प्रिंसी कमरे में अकेली थी। करीब 20 मिनट बाद जब वह सब्जी लेकर लौटी तो कमरे का दरवाजा बंद था।

आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला। आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो प्रिंसी सैनी पंखे के सहारे दुपट्टे का फंदा बनाकर लटकी हुई थी। आनन-फानन लोगों की मदद से उसे उतारकर एसआरएन अस्पताल लाया गया, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

स्त्री रोग विभाग की डॉक्टर बनना चाहती थी प्रिंस
पिता सुखवीर ने बताया कि शनिवार को उनके पास बड़ी बेटी राखी का फोन आया। वह जोर-जोर से रोने लगी। पूछने पर बताया कि प्रिंसी ने फांसी लगा लिया है। जल्दी यहां आ जाइए। बेटी की मौत की सूचना मिलते ही वह अपने परिजनों के साथ रवाना हुए। देर शाम प्रयागराज पहुंचे तो बेटी का शव पोस्टमार्टम हाउस में था। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में ठीक थी। वह स्त्री रोग विभाग की डॉक्टर बनना चाहती थी, उन्हें नहीं पता कि बेटी ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया। यह कहते हुए वह फफक पड़े।

बहन बोली… पढ़ाई को लेकर काफी परेशान थी 
बहन राखी ने बताया कि उनकी बहन पढ़ाई को लेकर काफी परेशान रहती थी। कोचिंग में मंधली और वीकली टेस्ट होता था। करीब 15 दिन पहले वीकली टेस्ट में उसका कम नंबर आया। उस समय भी वह खाना नहीं खा रही थी। गुमशुम सी रहने लगी थी। मम्मी-पापा के फोन पर काफी देर तक समझाने पर उसने खाना खाया था। इधर, सोमवार को उसका वीकली टेस्ट होने वाला था। इस बात को लेकर वह काफी परेशान थी। शुक्रवार रात दोनों बहनों ने खाना बनाकर साथ में खाया था। सुबह उठकर उसने जूस भी लिया था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी बहन उनके जाने के बाद इतना बड़ा कदम उठा लेगी।

बेटी संग उसके सपनों पर कफन देख फफक पड़े पिता 
बेटी प्राइमरी से ही स्कूल में टॉपर थी। स्त्री रोग विशेषज्ञ बनकर उसने महिलाओं की सेवा का सपना देखा था। इसके लिए कड़ी मेहनत भी की थी। उसके सपनों को पंख देने के लिए ही उम्मीदों के साथ प्रयागराज भेजा था, ताकि नीट की कोचिंग कर अपने सपने को साकार कर सके, लेकिन नहीं पता था कि ये दिन देखने पड़ेंगे। यह कहकर पिता सुखबीर सैनी फफक पड़े। बोले-अब सब खत्म हो गया। मूलरूप से बिजनौर निवासी सुखबीर सैनी की तीन बेटियों में प्रिंसी (18) दूसरे नंबर की थी पर पढ़ने में सबसे होशियार थी। इसके अलावा तीनों बहनों का एक छोटा भाई भी है, पर पिता को प्रिंसी से बड़ी उम्मीदें थीं।

उन्होंने बताया कि शुरू से ही प्रिंसी कक्षा में अव्वल आती थी, इससे उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता था। उसका सपना था कि बड़ी होकर स्त्री रोग विशेषज्ञ बनेगी। सपनों को साकार करने के लिए ही करीब सवा साल पहले वह नोट की कोचिंग करने प्रयागराज आई थी। साथ ही इंटर की परीक्षा की भी तैयारी कर रही थी। कोचिंग के मंथली टेस्ट में वह टॉप टेन में रहना चाहती थी, लेकिन हर बार पिछड़ जाती थी। मंथली टेस्ट आते ही वह परेशान हो उठती थी और अक्सर तनाव में रहती थी। इसी कारण उसने परेशान होकर आत्मघाती कदम उठा लिया, जिसकी कभी कल्पना नहीं थी।

कोचिंग के मंथली टेस्ट में वह टॉप टेन में रहना चाहती थी, लेकिन हर बार पिछड़ जाती थी। मंथली टेस्ट आते ही वह परेशान हो उठती थी और अक्सर तनाव में रहती थी। इसी कारण उसने परेशान होकर आत्मघाती कदम उठा लिया, जिसकी कभी कल्पना नहीं थी। शव का परिजनों की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम होने के बाद बेटी संग उसके सपनों पर कफन लेकर पिता सुखवीर सैनी प्रयागराज से करीब 650 किमी. दूर अपने घर बिजनौर रवाना हो गए।

टॉप टेन में रहना चाहती थी, मंथली टेस्ट आते ही हो जाती थी परेशान… 
न्यू मंफोर्डगंज में सुसाइड करने वाली नीट कोचिंग की छात्रा प्रिंसी (18) के शव का परिजनों की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिवार के लोग छात्रा के शव को अपने साथ करीब 650 किमी. दूर बिजनौर लेकर चले गए। पिता सुखराम ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी और अपने क्लास में टॉप करती थी। यहां भी अपने कोचिंग में टॉप टेन में रहना चाहती थी, लेकिन वह पीछे रह जा रही थी, इसलिए जब-जब कोचिंग में उसका मंथली टेस्ट आता था। वह परेशान होने लगती थी और इसी कारण उसने जान दे दी।

बच्चों की कौशल क्षमता देखकर ही कराएं तैयारी 
मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान बताते हैं कि आजकल माता-पिता बच्चों को कौशल क्षमता को बिना समझे अपना उद्देश्य उन पर थोप दे रहे हैं। जब वह नीट या जेई जैसी पढ़ाई के लिए कोचिंग में जाते हैं तो अपना रिजल्ट कम पाते हैं, फिर हतोत्साहित हो जाते हैं और डिप्रेशन में चले जाते हैं। परिणामस्वरूप सुसाइड जैसे आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे की कौशल क्षमता को देखकर ही अभिभावकों को बच्चों की तैयारी करानी चाहिए। उसके ऊपर बहुत अधिक दवाव नहीं बनाना चाहिए। बच्चों को पूरी नींद लेने के लिए कहें और देर रात तक फोन चलाकर पड़ाई न करने दें। मस्तिष्क को आराम दें।
planetnewsindia
Author: planetnewsindia

8006478914

सबसे ज्यादा पड़ गई
Suomalaisten pelaajien keskuudessa nettikasinoiden suosio on kasvanut huomattavasti, ja yhä useampi valitsee alustan juuri selkeiden käytäntöjen sekä läpinäkyvän toiminnan perusteella. Kasinopelaamiseen liittyy aina vastuullisuuden teema, joten on tärkeää tietää, miten operaattori käsittelee henkilötietoja, pelitilejä ja maksutapahtumia. Tässä yhteydessä Dudespin Tietosuojakaytanto -sivu tarjoaa selkeän kuvauksen tietojen keräämisestä, säilyttämisestä ja käyttäjän oikeuksista, mikä helpottaa luotettavan pelipaikan valinnassa. Hyvä nettikasino panostaa aina reiluun peliin, nopeisiin kotiutuksiin sekä monipuoliseen pelivalikoimaan, mutta yhtä tärkeää on toimiva asiakaspalvelu ja selkeät käyttöehdot. Uudet pelaajat arvostavat usein tervetuliaisbonuksia ja ilmaiskierroksia, joiden taustalla olevat säännöt kannattaa kuitenkin lukea huolellisesti ennen pelaamisen aloittamista.
Canadian players exploring dragon-themed slot lobbies often compare payout structures and bonus rounds across licensed operators, and Spin Dragons shows up frequently in those discussions because of its clear wagering terms and province-friendly banking options for regulated iGaming fans in 2026.
Danske spillere, der ønsker en moderne casinooplevelse med fokus på farverigt design og varierede spil, finder et stærkt bud på markedet hos LuckyNiki Danmark. Siden kombinerer klassiske bordspil, jackpots og live dealer-borde med en brugervenlig platform, og kundesupporten er tilgængelig på dansk hele døgnet. Derudover tilbyder operatøren løbende turneringer og loyalitetsfordele, som gør det værd at holde øje med de ugentlige tilbud.
Savvy slot enthusiasts in New Zealand tend to compare welcome packages, weekly reloads, and cashback rates before settling on a new casino lobby. Keeping tabs on the current Spinskull promo code can stretch a first deposit further, especially when combined with free spin drops on featured pokies. Responsible play still matters: set a session budget, verify the operator's licence, and review the bonus terms — including wagering multipliers, game contribution rates, and maximum withdrawal caps — before you commit a single cent.