पलक झपकते खाता साफ: इन 10 तरीकों से लोग हो रहे ठगों के शिकार, बचने का ये है सबसे अचूक हथियार; जानना बेहद जरूरी

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साइबर ठग पलक झपकते खाता साफ कर रहे हैं। 10 तरीकों से लोग ठगों के शिकार हो रहे हैं। जागरूकता ही साइबर ठगों के खिलाफ सबसे अचूक हथियार है।

Cyber Crime Accounts get cleared in blink of an eye people are falling prey to fraudsters in these 10 ways

सावधानी हटी…दुर्घटना घटी। साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी ही जरूरी है, क्योंकि न जाने किस तरह से कोई ठग चपत लगा जाए। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक लगभग दस तरीकों से ठग लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

पहले बैंक अकांउट्स वगैरह के पासवर्ड लेकर या एटीएम के पिन जानकर ठगी की जाती थी, अब करीब डेढ़- दो साल से डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आने लगे। चंडीगढ़ प्रशासन के साइबर एक्सपर्ट राजेश राणा व हरियाणा की साइबर पुलिस के एसपी अमित दहिया के मुताबिक साइबर ठगी कई तरह से हो रही है और इनसे बचना जरूरी है। यह लगभग दस तरीके ठग अपना रहे हैं…

डिजिटल अरेस्ट
सबसे पहले साइबर ठग कस्टम अधिकारी या पुलिस अधिकारी बनकर आपको फोन करेंगे। फिर मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स सप्लाई जैसे संगीन अपराध में आपके शामिल होने का दावा करते हैं। इसके बाद ठगों की टीम सामने से नकली पुलिस, जज सहित पूरा कानूनी सेटअप दिखाकर आपको बचाने के एवज में ऑनलाइन मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं।

फिशिंग स्कैम
साइबर ठग नामचीन कंपनियों और सरकारी विभागों के नाम व लोगो का इस्तेमाल कर आपको मैसेज भेजते हैं। जिनसे आपकी नौकरी या वित्तीय लेनदेन जुड़े हैं। उसमें केवाईसी न होने की झूठी जानकारी देकर अकाउंट बंद करने की धमकी देते है। इसके बाद बचाव के बहाने फर्जी लिंक भेजकर उस पर जानकारी भरने की सलाह देकर फंसा लेते है, जैसे ही ठग को मांगी गई जानकारी दे देते हैं, जालसाज आपका बैंक खाता खाली कर देता है।

नौकरी का झांसा
घर बैठे काम और एक नौकरी में रहते दूसरी अच्छी नौकरी की तलाश में रहने वाले युवा और गृिहणी साइबर ठगों का आसान शिकार बनते हैं। साइबर ठग फर्जी नौकरियों की भर्ती के मैसेज व लिंक भेजते हैं। घर बैठे काम करके अच्छी कमाई का झांसा देकर लोगों से लिंक पर क्लिक करके आवेदन करने की सलाह देते हैं। इसके बाद ज्वॉइनिंग फीस, वेरिफिकेशन फीस और अन्य तरह की फीस  के नाम पर लोगों को ठगते हैं।

इमोशनल मैनिपुलेशन
साइबर अपराध की दुनिया में इमोशनल मैनिपुलेशन स्कैम काफी ट्रेंड में चल रहा है। साइबर अपराधी शादी कराने व डेटिंग एप या सोशल मीडिया पर डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन, आईएएस, आईपीएस जैसे फर्जी प्रोफाइल बनाकर सामने वाले को झांसे में फंसाते हैं।

पहले अच्छी दोस्ती और फिर गहरे रिश्ते में आने की बात बोलकर इमोशनल संबंध बनाने के बाद ठग किसी तरह पैसे की इमरजेंसी बताते हैं। जैसे मेडिकल इमरजेंसी, एयरपोर्ट पर फंसने और बिजनेस में अचानक पैसे फंसने की सुनाकर सामने वाले से ठगी कर लेते हैं।

पार्सल स्कैम
ठग पहले सोशल मीडिया पर लोगों से दोस्ती करते हैं और फिर उन्हें गिफ्ट भेजने का झांसा देते हैं। इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य कुछ दिन बाद एयरपोर्ट से कस्टम अधिकारी बनकर फोन करता है और पार्सल में महंगा सामान होने का झांसा देकर कस्टम ड्यूटी व अन्य तरह की फीस के नाम पर ठगी करते हैं। ज्यादातर लोग लालच में ठग को रुपये ट्रांसफर कर देते हैं।
निवेश धोखाधड़ी
साइबर ठग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पोंजी स्कीम में निवेश या क्रिप्टो में निवेश करके मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। पहली या दूसरी बार में छोटा मुनाफा पाकर लोग ठगों के झांसे में आकर बड़ी रकम निवेश कर देते हैं। इसके बाद ठग मोबाइल और साइट बंद करके फरार हो जाते हैं।

तत्काल लोन व क्रेडिट कार्ड स्कैम
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बिना दस्तावेज तुरंत लोन देने या कम दस्तावेजों से पर्सनल लोन व क्रेडिट कार्ड बनाने का दावा करते हैं। संपर्क करने पर ठग तमाम तरह की फीस के नाम पर लोगों को चपत लगाने लगते हैं। जब उन्हें लगता है कि सामने वाला पैसा नहीं जमा करेगा तो वे संपर्क खत्म कर लेते हैं।

न्यूड वीडियो
साइबर ठग अचानक किसी को वीडियो कॉल करते हैं। सामने वाले के फोन उठाते ही न्यूड लड़की नजर आती है। इस तरह की आपत्तिजनक वीडियो कॉल की रिकार्डिंग कर ली जाती है। इसके बाद ठग गिरोह के सदस्य नकली सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनकर मामले को रफा-दफा करने के एवज में पैसे की डिमांड करते हैं। कई बार आरोपी वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर पैसे ऐंठते हैं।

वेबसाइट हैक
साइबर ठग गिरोह बड़ी-बड़ी कंपनियां, होटल, टेलीकॉम कंपनियों और सरकारी विभाग जैसे बिजली, पानी और बैंक के हेल्पलाइन नंबर हैक करके ठगी करते हैं। जब भी हेल्पलाइन पर कोई संपर्क करता है तो उनका संपर्क ठगों से होता है। ठग मदद मांगने वाले को फर्जी लिंक भेजकर क्लिक करने की सलाह देते हैं और फिर शिकार बना लेते हैं।

चैरिटी अपील
दान करने वालों की जानकारियां निकालकर साइबर ठग उनसे संपर्क करते हैं। ठग प्राकृतिक आपदा या मरीज व गरीब बच्चों की मदद करने के बहाने ठगी करते हैं। इसमें लोगों से मदद के लिए दान देने की अपील करते हैं। ठग लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाकर क्राउड फंडिंग कर पैसे ठग लेते हैं। इसमें गरीब के इलाज में मदद के नाम पर भी ठगी की जाती है।
साइबर एक्सपर्ट्स ने दिए सुझाव
सोशल मीडिया प्रोफाइल को पर्सनल (निजी) मोड पर रखें।
सार्वजनिक स्थानों पर बैंक आईडी या पासवर्ड टाइप न करें।
पासवर्ड में भिन्नता रखें और संभव हो तो बायोमैट्रिक का इस्तेमाल करें।
10 अंक के सामान्य नंबर से बैंक की तरफ से कॉल नहीं आते हैं।
जिप और क्यूआर कोड से आपका सिस्टम हैक हो सकता है।
स्पैम मैसेज फॉरवर्ड न करें, साइबर ठगों की यहां भी सक्रियता होती है।
-राजेश राणा, साइबर एक्सपर्ट, चंडीगढ़ प्रशासन

तकनीक के युग में ज्यादातर लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है। यदि कोई व्यक्ति खुद को प्रवर्तन निदेशालय(ईडी), केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) या पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दे तो तुरंत सतर्क हो जाएं। डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी कार्रवाई होती ही नहीं है। किसी भी लुभावने ऑफर में आकर निवेश करने, गूगल से हेल्पलाइन नंबर को वेरिफाई किए बगैर पैसे ट्रांसफर ना करें। -अमित दहिया, एसपी, हरियाणा साइबर पुलिस, पंचकूला
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