UP : मुजफ्फरनगर में बड़ा सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार; दुर्घटना में मां-बेटी समेत चार की मौत

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मेरठ से ईद मिलन के लिए सहारनपुर के गोपाली गांव जा रहे परिवार की कार बरला-बसेड़ा मार्ग पर आगे चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुस गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई।

UP: Mother, daughter and two children died in a road accident

मेरठ से ईद मिलन के लिए सहारनपुर के गोपाली गांव जा रहे परिवार की कार बरला-बसेड़ा मार्ग पर आगे चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुस गई। हादसे में खुशनुमा (35)  और उसकी बेटी सानिया (15) के अलावा दो बच्चों की मौत हो गई। कार सवार तीन बच्चे घायल हैं। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी जुनैद अपनी पत्नी खुशनुमा (35), बेटी सानिया (15) और किठौर के रछौती गांव की रहने वाली धेवती तूबा और तीन साल की मिरहा पुत्री बिलाल और परिवार के अन्य बच्चों के साथ स्विफ्ट डिजायर कार में सवार होकर सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गोपाली गांव में जाने के लिए निकले थे।

मंगलवार देर रात बरला-बसेड़ा मार्ग पर उनकी कार गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। चीख-पुकार मचते ही राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस एंबुलेंस की मदद से घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। कार सवार मां-बेटी और दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि चालक जुनैद, उसका बेटा शादान (14) और मेरठ के खत्ता रोड निवासी जामिल (12) घायल हुए हैं।

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।