तेलंगाना में सुरंग हादसे में एक शव बरामद हुआ है। जो शव बरामद हुआ, वह एक मशीन में फंसा हुआ था। बचाव दल ने मशीन को काटकर शव निकाला। सीएम ने श्रमिक की मौत पर शोक जताया साथ ही 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया।

तेलंगाना में सुरंग हादसे में एक शव बरामद हुआ है। जो शव बरामद हुआ, वह एक मशीन में फंसा हुआ था। बचाव दल ने मशीन को काटकर शव निकाला। अभी सात अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। बचाव अभियान में केरल के खास खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। हादसे को 15 दिन से ज्यादा का समय बीत गया है।
25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान
तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने श्रमिक गुरप्रीत सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को बचाव दल ने इस हादसे में शव बरामद किया
दरअसल, श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) की आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में फंसे आठ लोगों को निकालने के लिए दो सप्ताह से प्रयासरत बचाव दलों ने रविवार को एक व्यक्ति का शव बरामद किया। शव को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया। इससे पहले राज्य सरकार ने बचाव अभियान में केरल पुलिस के श्वान दस्तों को भी शामिल किया था और बचाव कर्मियों ने उन स्थानों पर खुदाई की जहां श्वान दस्तों ने मानव मौजूदगी का पता लगाया था। इन कुत्तों को लापता लोगों और शवों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
खोजी कुत्ते ने की मदद
एक बचाव अधिकारी ने बताया कि मशीन में फंसे शव के केवल हाथ दिखाई दे रहे थे। बीते दिन राज्य के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया था कि खोजी कुत्तों ने खास जगह पर तेज गंध का पता लगाया है। पता चला है कि वहां तीन लोग मौजूद हैं। इसके बाद वहां जमा मलबा हटाया जा रहा था। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि शव उसी जगह मिला है या किसी अन्य जगह से। बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए रोबोट का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
22 फरवरी को हुआ था हादसा
तेलंगाना के नगरकुर्नूल में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग का एक हिस्सा 22 फरवरी को धंस गया था। इस वजह से सुरंग के अंदर काम कर रहे 8 मजदूर फंस गए थे। राज्य सरकार ने कहा था कि उनके बचने की संभावना बहुत हम है, लेकिन हरसंभव प्रयास जारी हैं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ अथक प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञ मानव उपस्थिति का पता लगाने के लिए ‘ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार’ (जीपीआर) का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरंग के भीतर कीचड़ और पानी ने बचाव कर्मियों के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
Author: planetnewsindia
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