ढाई करोड़ की इस रिश्वत के मामले में गिरफ्तार सहायक निदेशक विशालदीप व डीएसपी बलबीर सिंह की ओर से कोर्ट में आवेदन दायर किया गया था। इस आवेदन में कहा गया था कि उनके वॉयस सैंपलों की जांच सीएफएसएल दिल्ली के अलावा किसी अन्य प्रयोगशाला से करवाने की गुहार लगाई थी।

वहीं मंगलवार को फिर से इस मामल में सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने बुड़ैल जेल प्रशासन को दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने के लिए जांच टीम के हवाले करने के संबंध में लिखित आदेश जारी किए थे। क्योंकि पहले जेल प्रशासन ने बिना कोर्ट आदेशों के दोनों आरोपियों को सीबीआई के हवाले करने से इंकार करते हुए लिखित आदेश मांगे थे।
दरअसल ढाई करोड़ की इस रिश्वत के मामले में गिरफ्तार सहायक निदेशक विशालदीप व डीएसपी बलबीर सिंह की ओर से कोर्ट में आवेदन दायर किया गया था। इस आवेदन में कहा गया था कि उनके वॉयस सैंपलों की जांच सीएफएसएल दिल्ली के अलावा किसी अन्य प्रयोगशाला से करवाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने इस पर मंजूरी देते हुए सीबीआई को बाकायदा 3 फरवरी को आदेश जारी किए थे कि दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपलों की जांच दिल्ली सीएफएसएल के बजाए अन्य किसी लैब से करवाई गई। कोर्ट के आदेशानुसार कुछ दिन पहले सीबीआई की जांच टीम दोनों आरोपियों के सैंपल करवाने के लिए उन्हें बुड़ैल मॉडल जेल में लेने पहुंची लेकिन जेल प्रशासन ने जांच टीम को आरोपी उनके हवाले करने से इंकार कर दिया। जेल प्रशासन ने इस संबंध में लिखित आदेश मांगे। इसके बाद सीबीआई फिर से कोर्ट में पहुंची और लिखित आदेश जारी करवाने को लेकर आवेदन किया। इस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेशों में कहा कि उपरोक्त दोनों आरोपियों को 19 फरवरी सुबह 10 बजे चंडीगढ़ सीएफएसएल में उनकी आवाज के नमूने के लिए सुरक्षित रूप से पेश करें और उसके बाद उन्हें वापस सुरक्षित हिरासत में लेकर जेल भेजा जाए।
Author: planetnewsindia
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