
गाजियाबाद। अचानक ऐसे लगा कि पूरी टंकी हम लोगों के ऊपर ही गिर गई। काम शुरू ही हुआ था कि शटरिंग गिरते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। हर कोई बांस-बल्ली के नीचे दबा चिल्ला रहा था। मेरे भी दोनों पैर काम नहीं कर रहे थे, किसी तरह से अपने ऊपर गिरे बांस बल्ली को हटाया लेकिन उठ नहीं पाया।
हादसे में घायल शाहजहांपुर के गोविंदपुर निवासी सूरजपाल सिंह ने आगे बताया कि बांस बल्ली हटाने के बाद देखा तों दोनों पैर काम नहीं कर रहे हैं। उनके दोनों पैर में फ्रैक्चर आया है। उन्होंने बताया कि शटरिंग गिरने से घायल हुए साथियों में किसी का हाथ टूटा तो किसी के पैर में फ्रैक्चर हो गया, हर कोई मदद के लिए चिल्ला रहा था।
रविवार को हादसे में घायल हुए आठ मजदूरों को संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया। सीएमएस डॉ संजय गुप्ता ने बताया कि बलिया के बंदिया निवासी वीरेश (22) के सिर में गंभीर चोट लगने से रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों को जांच के बाद भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। सभी सात घायल खतरे से बाहर हैं। सीएमएस ने बताया कि सभी घायलों की जरूरत के अनुसार सीटी-स्कैन और एक्स-रे जांच के बाद प्लास्टर लगाने के बाद इलाज चल रहा है। बताया कि सूरजपाल के दोनों पैर में फ्रैक्चर, विनोद, सत्येंद्रपाल, रिंकू, दिनेश और उनके भाई आदेश की पीठ में कई जगह चोट लगी है। जबकि राहुल के पूरे शरीर में कई जगह चोट लगने के साथ ही बायां पैर टूट गया है।
भागने का नहीं मिला मौका
कमर में गंभीर चोट आने से घायल हुए सगे भाई बदायूं के सैजनी निवासी रिंकू (24 वर्ष) और आदेश (20 वर्ष) की कमर में चोट आई है। दोनों भाइयों ने बताया कि जैसे ही शटरिंग में लगी बांस-बल्ली गिरने लगी हम दोनों भाइयों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उसके पहले ही ऊपर आकर गिर गया, जिससे गंभीर रूप से घायल हो गया।
पता नहीं चल रहा कि चोट कहां- कहां है
बाएं पैर में फ्रैक्चर के साथ ही शरीर में कई जगह चोट लगने से घायल बदायूं के सैजनी निवासी राहुल ने बताया कि पूरी शरीर में दर्द है, इसलिए पता नहीं लग रहा है कि कहां गंभीर चोट है कहां पर हल्की। डॉक्टर ने जांच के बाद इतना बताया कि बाएं पैर में फ्रैक्चर है और प्लास्टर चढ़ा दिया।
25 लोगों की मौत की जांच रिपोर्ट का पता नहीं
उखलारसी में तीन जनवरी 2021 को श्मशान घाट में छत गिरने से हुआ था हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादनगर।
उखलारसी श्मशान घाट में चार साल पहले तीन जनवरी 2021 को रविवार के दिन ही गलियारे की छत गिरने से भीषण हादसा हुआ था। इसमें 25 लोगों की जान गई थी और 18 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मृतकों के परिजनों का कहना है कि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। यह तक जानकारी नहीं है कि जांच में चल रही है या नहीं। किसी ने उनका बयान तक दर्ज नहीं किया है।
नए हादसे के बाद चार साल पुरानी दुखद स्मृति लोगों के जेहन में ताजा हो गई। हादसे के पीड़ितों को चार वर्ष बाद भी न्याय नहीं मिल सका है। मृतक आश्रितों को अभी तक नौकरी व आवास नहीं मिले है, जबकि उनसे इसका वादा किया गया था।
कई परिवार नौकरी की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा चुके है। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। हालांकि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा हादसा पीडि़त परिवारों को 12-12 लाख रुपये मुआवजा दिया गया था। वहीं परिवार के सदस्य को नौकरी व आवास देने का आश्वासन भी दिया गया था, जो पूरा नहीं हुआ। हादसा पीडि़त मंजू, पिंकी, बबीता, ममता, नीलम, कविता और पुष्पलता का कहना है कि शासन प्रशासन का कोई अधिकारी अब खैरियत तक पूछने नहीं आता।
उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके हादसे की जांच में क्या चल रहा है। अधिकारी सिर्फ इतना बताते हैं कि लखनऊ एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी में कौन अधिकारी जांच कर रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। जांच अधिकारी ने पीड़ितों में से किसी का बयान भी दर्ज नहीं किया।
Author: planetnewsindia
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