
सीएसआईआर चेन्नई अर्थात स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर के वरीय वैज्ञानिक डॉ श्रीनिवास के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम मुंगेर पहुंची है और इस टीम द्वारा पुल के भार क्षमता की जांच की जा रही है. विदित हो कि इस रेल सह सड़क पुल का निर्माण वर्ष 2016 में ही हो गया था और 2016 से ही रेलवे का परिचालन भी प्रारंभ हो गया. लेकिन एप्रोच पथ नहीं होने के कारण सड़क पुल पर यातायात शुरू नहीं हो पायी थी. बाद में 11 फरवरी 2022 को सड़क पुल का शुभारंभ किया गया. लेकिन अब तक इस पुल के स्पैन लोड टेस्ट नहीं हो पाया था. जिसके कारण रेलवे व एनएचएआई के बीच भार क्षमता के वाहन परिचालन को लेकर बार-बार पत्राचार हो रहा था. रेलवे जहां इसे सड़क पुल के लिए 20 टन वाहन के परिचालन को सुरक्षित बता रहा था, वहीं एनएचएआई 55 टन वाहन का परिचालन को सुरक्षित मान रहा था
Author: planetnewsindia
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