साहित्य कुंज एमजी रोड निवासी मुकेश जैन बिल्डर प्रखर गर्ग को 2012 से जानते थे। आरोप है कि बिल्डर प्रखर गर्ग ने बताया कि उन्होंने सारांश इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी स्थापित की है

इसमें पत्नी राखी गर्ग को डायरेक्टर बनाया है। कंपनी के नाम सिकंदरा स्मारकके सामने जमीन है। जमीन पर फार्टिस हास्पिटल के साथ निर्माण कराकर किराए पर देने के लिए समझौता किया गया है। फोर्टिस हॉस्पिटल से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए। आरोप है कि जमीन पर निवेश के लिए तीन करोड़ रुपये प्रखर गर्ग और राखी गर्ग को दे दिए। इसके बदले में कंपनी के शेयर हस्तांतरित कर दिए। मगर, बाद में पता चला कि जमीन की कीमत जितने रुपये उनसे लिए हैं उसकी चौथाई भी नहीं है और फोर्टिस हॉस्पिटल का अनुबंध भी खत्म हो गया है।
ब्लॉक खाते के दे दिए चार चेक
मुकेश जैन का आरोप है कि उन्होंने अपने पैसे मांगे, सितंबर 2024 में प्रखर गर्ग और राखी गर्ग ने मामला अदालत के बाहर सुलझाने का आग्रह किया। व्याज सहित 3.85 करोड़ रुपये लौटाने का आश्वासन दिया, यह भी तय हुआ कि कंपनी और उसकी भूमि भी उनके नाम कर देखा। प्रखर गर्ग ने चार चेक दिए, पता चला कि जिस खाते के चेक दिए हैं वे ब्लॉक हैं। इस मामले में पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिया गया। डीसीपी सिटी सूरज राय का मीडिया से कहना है कि धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार कराने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है, विवेचना की जा रही है।
Author: planetnewsindia
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