13 मई को घाटकोपर पूर्व में तूफान की वजह से एक विज्ञापन होर्डिंग गिर गया था। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 84 घायल हो गए थे। इस होर्डिंग को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की जमीन पर अवैध रूप से लगाया गया था। पुलिस ने बताया कि अरशद खान बार-बार अपना ठिकाना बदल लेता था। वह पिछले सात महीने से फरार था।

घाटकोपर होर्डिंग हादसे में मुंबई पुलिस ने मुख्य आरोपी अरशद खान को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया है। प्रमुख व्यवसायी अरशद खान मामले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाए जाने के बाद से पिछले सात महीने से फरार था।

अरशद खान आईपीएस अधिकारी कैसर खालिद की पत्नी का व्यापारिक सहयोगी है। कैसर खालिद पर आरोप है कि उन्होंने रेलवे की जमीन पर होर्डिंग लगाने की मंजूरी दी थी। उस समय खालिद, राजकीय रेलवे पुलिस के आयुक्त थे। उन्हें अपने काम में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अरशद खान अपना प्रारंभिक बयान दर्ज कराने के बाद एसआईटी के सामने उपस्थित नहीं हुआ। पुलिस पिछले कुछ महीनों से उसे ढूंढ रही थी, मगर वह बार-बार अपना ठिकाना बदल लेता था।
पुलिस ने बताया कि अरशद खान को रविवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि एगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अलग अलग खातों में 22 बार लेनदेन किया गया। एगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने ही इस होर्डिंग को लगाया था। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से अधिकतर लेनदेन तब किया गया, जब कैसर खालिद जीआरपी आयुक्त थे। आगे बताया गया है कि 82 लाख रुपयों को 16 बैंक खातों में भेजा गया था। पूछताछ के दौरान खालिद ने अधिकारियों को बताया था कि वह अरशद खान को जानते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Author: planetnewsindia
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