यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि इस पद के लिए अप्लाई करने वाले 30 उम्मीदवारों में से रेणुका का अंक बहुत अच्छा था। उन्होंने लेक्चर में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके कारण उनका चयन हुआ।

परिवार का मिला समर्थन
मीडिया से बात करते हुए रेणुका ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। बहुत संघर्ष के बाद मैं यहां तक पहुंची। यूनिवर्सिटी ने मेरी बहुत मदद की। मैंने 2018 में अपनी डिग्री पुरी की। 2017 में मैं ट्रांसजेंडर बन गई। मैंने 2022 में अपना एमए पूरा किया और अब मैं गेस्ट लेक्चरर के तौर पर काम कर रही हूं।” उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने समर्थन किया। रेणुका ने बताया कि उनका परिवार कृषक पृष्ठभूमि से आता है और उनके माता-पिता ने उन्हें जीवन में कुछ हासिल करने के लिए शिक्षित किया है।
रेणुका ने आगे बताया, “जब मेरा दाखिला हुआ और मैं एमए की पढ़ाई कर रही थी तो यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ने भी मेरा समर्थन किया। मुझे पढ़ना पसंद है और मैं पीएचडी करके प्रोफेसर बनना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि ट्रांसजेंडर भी शिक्षा हासिल करें।”
ट्रांसजेंडरों के लिए प्रेरणा है रेणुका
यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि इस पद के लिए अप्लाई करने वाले 30 उम्मीदवारों में से रेणुका का अंक बहुत अच्छा था। उन्होंने लेक्चर में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके कारण उनका चयन हुआ। उन्होंने करेणुका ट्राहा, राज्य के किसी यूनिवर्सिटी में इस तरह की यह पहली नियुक्ति है। रेणुका ट्रांसजेंडरों के लिए एक प्रेरणा के रूप में काम कर रही हैं।

Author: planetnewsindia
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