दिल्ली के कैफे में फायरिंग, बर्थडे पार्टी के लिए आए लड़के ने लड़ाई के बाद चलाई गोली

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राजधानी दिल्ली में एक बार फिर गोलीबारी की घटना सामने आई है. इस बार एक कैफे में गोली चलाई गई. साउथ-वेस्ट दिल्ली के कैफे में कुछ लड़के बर्थ डे पार्टी के… लिए आए थे, जहां सीट को लेकर मैनेजर से उनकी कहासुनी हो गई थी. इस दौरान एक लड़के ने हवाई फायरिंग की. पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है.

दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार फायरिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं. अब साउथ-वेस्ट दिल्ली के पॉश इलाके सत्य निकेतन में एक कैफे में फायरिंग हुई. बताया जा रहा है कि सीट को लेकर लड़कों की मैनेजर से कहासुनी हुई थी. इतने में लड़कों में एक ने हवाई फायरिंग  कर दी. मामला जहांगीरपुरी इलाके में स्थित लव बाइट्स कैफे का है, जहां कुछ लड़के बर्थ डे पार्टी के लिए आए थे. पुलिस ने इस मामले में  पांच आरोपी युवाओं को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, पांच गोलियां और एक थार कार बरामद की है.

बताया जा रहा है कि साउथ वेस्ट दिल्ली के पॉश इलाके सत्य निकेतन में पब है. यहां रविवार रात कुछ लड़के दोस्त का जन्मदिन मनाने आए  थे. सीट को लेकर लड़कों की कैफे मैनेजर से कहासुनी हो गई. इस बीच एक लड़के ने यहां हवा में गोली चला दी. गनीमत ये रही कि फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ.

पुलिस ने मौके से अहमद नाम के एक लड़के को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, पांच गोलियां और एक थार कार बरामद की है. आरोपियों की पहचान अहमद पुत्र महमूद, 20 वर्षीय औरंगबेज उर्फ मोनू पुत्र सदरुद्दीन, 20 वर्षीय अतुल पुत्र रिंकू, 19  वर्षीय जावेद पुत्र अलीशेर और आदिल पुत्र साजिद के रूप में हुई है.सभी आरोपी जहांगीरपुरी के रहने वाले हैं.

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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।