
मिहींपुरवा/महसी/ जरवल रोड(बहराइच)। नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर सरयू नदी के जलस्तर पर दिखने लगा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे कछार में बसे गांवों के लोगों में बाढ़ का खतरा सताने लगा है। शुक्रवार को नदी का पानी पांच गांवों के रास्तों पर पहुंच गया है। वहीं कटान से भी तीन बीघा खेत कट गए है। नदी खतरे के निशान से 46 46 सेमी ऊपर पहुंच गई है। बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और टीमें अलर्ट कर दी गई हैं।
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में नेपाली पानी के कारण गिरिजा बैराज पर जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे गुलरिहा को जाने वाले सुजौली जंगल गुलरिहा मार्ग पर व खैरीपुरवा गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे इस क्षेत्र के लोगों का बाढ़ की आशंका सताने लगी है। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि अभी क्षेत्र में बाढ़ की कोई आशंका नही है। तहसील की टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय है।
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खतरे के निशान से 46 सेन्टीमीटर ऊपर सरयू
एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर बीते दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को नदी खतरे के निशान से 46 ऊपर बह रही है। जल मापक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि नदी का जल स्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रहा है। इसके चलते कैसरगंज तहसील क्षेत्र के अहाता ग्रामसभा के मजरे तप्पेसिपाह, नासिरगंज की लगभग दस हजार आबादी प्रभावित हो रही है।
नदी में समाई तीन बीघा फसल
महसी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत टिकुरी में बीते कई दिनों से सरयू कहर बरपा रही है। शुक्रवार को नदी में तीन बीघे धान लगे खेत को निगल लिया। नदी की लहरों ने टिकुरी ग्राम पंचायत निवासी धर्मेंद्र कुमार व सुशील कुमार के खेत समा गए है। साथ ही गांव निवासी कई किसानों की धान लगे खेत नदी के मुहाने पर हैं। जिससे ग्रामीणों में डर व दहशत का माहौल है। बता दे कि नदी अब तक टिकुरी में 149 बीघे फसल लगी भूमि और 32 घरों को निगल चुकी है।
नदी का जलस्तर नेपाल में हुई बारिश की वजह से बढ़ा है। लेकिन अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासनिक टीमें व बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी अलर्ट मोड पर हैं। -मोनिका रानी, डीएम
अपनी प्रतिक्रिया दी है।
Author: planetnewsindia
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