बरेली I थाना फतेहगंज पूर्वी के एक गाव की बीए की पांच महीने की गर्भवती छात्रा का गर्भपात करते समय उसका गर्भाशय काट देने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कायवाही करते हुए बृहस्पतिवार को फरीदपुर का डीके अस्पताल सील कर दिया है और इसके साथ ही थाना फरीदपुर में अस्पताल मालिक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। पुलिस ने डॉक्टरों और दाई को भी हिरासत में लिया है।

प्रेमप्रसंग में गर्भवती हुई छात्रा को 21 जून को इस अस्पताल में ले जाया गया था जहां सात महीने का गर्भ होने के बावजूद उसी दिन गर्भपात के लिए अप्रशिक्षित स्टाफ ने ऑपरेशन करते हुए उसका गर्भाशय काट दिया। अब उसे गंभीर हालत में शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बृहस्पतिवार को सीएमओ ने डीके अस्पताल की जांच के लिए टीम भेजी तो पाया गया कि उसका पंजीकरण नहीं है। इस पर पुलिस बुलाकर अस्पताल को सील करने के बाद थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्पताल को पहले बंद किए जाने की सूचना दी गई थी। इसके बावजूद उसमें कैसे छात्रा को भर्ती कर ऑपरेशन किया गया, इसकी जांच की जाएगी। इसमें विभागीय साठगांठ का भी अंदेशा जताया जा रहा है।
सी एम ओ बरेली ने बताया कि समाचार पत्रों से सूचना मिलने पर विभागीय टीम फरीदपुर के डीके अस्पताल की जांच के लिए भेजी गई थी। टीम को अस्पताल बंद मिला, कोई कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था। पंजीकरण न होने पर अस्पताल को सील कर कानूनी कार्रवाई की गई है।
बताते चले कि पुलिस ने बुधवार को डॉ. इरफान, डॉ. निजाकत, सोनू और अप्रशिक्षित दाई सीमा को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने गुरुवार को सीमा के पति वीरेश को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में दाई सीमा ने बताया उसे डॉ. इरफान ने चार हजार रुपये में तय करके बुलाया था और कहा था कि सिर्फ बैठना है, बाकी सारे काम वह खुद करेंगे।
उसका कहना है कि उसे सिर्फ दो हजार रुपये ही दिए गए। डॉक्टरों ने ही छात्रा का गर्भपात किया, जिससे गर्भाशय कट गया लेकिन उसे फंसा दिया गया। पुलिस ने सीमा के घर से गर्भपात और प्रसव से संबंधित पर्चे भी बरामद किए हैं। पुलिस सीमा के पति वीरेश से भी पूछताछ कर रही है।
Author: planetnewsindia
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