एएमयू की अब्दुल्लाह हॉल छात्राओं के प्रदर्शन को हवा देने के आरोप में निलंबित एमए उर्दू छात्र यासिर फहद छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर डक पॉन्ड पर धरने पर बैठा, इस दौरान प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान की टीम से धक्का-मुक्की में कपड़े फट गए। छात्र ने चुनाव तिथि घोषित होने तक धरने की चेतावनी दी।

एएमयू की अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं के प्रदर्शन को हवा देने के आरोप में निलंबित किए गए एमए उर्दू प्रथम वर्ष के छात्र यासिर फहद छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर सोमवार शाम 6:30 बजे धरने पर बैठ गए। यासिर ने कहा कि या तो छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित होगी या मेरी बाॅडी उठेगी। इस दौरान छात्र और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई।
एएमयू प्रशासन ने बीते 14 सितंबर को अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं के प्रदर्शन के मामले में उकसाने के आरोप में बलरामपुर जिले के पचपेड़वा निवासी यासिर फहद को निलंबित किया है। यूनिवर्सिटी परिसर में घुसने पर पाबंदी भी लगाई है। घटना के सातवें दिन ये कार्रवाई की गई है। घटिया भोजन के विरोध में छात्राओं ने वीमेंस कॉलेज के गेट पर धरना दिया था। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ प्रॉक्टोरियल टीम की धक्का-मुक्की के विरोध में छात्रों ने रात में डक पॉन्ड से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकाला था। इसमें यासिर पर अगुवाई करने का आरोप है।
छात्राओं को भड़काने का भी आरोप
प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि छात्र यासिर ने 14 सितंबर को मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिये अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। यासिर ने छात्राओं को यूनिवर्सिटी प्रशासन से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करने और प्रदर्शन जारी रखने के लिए उकसाया भी था।
तीन बार संपर्क का दावा, जवाब नहीं देने का आरोप
प्रॉक्टर ने बताया कि छात्र को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए 15, 19 और 20 सितंबर को संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन छात्र की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
दो छात्रों पर नहीं हुई कार्रवाई
छात्राओं को धरना-प्रदर्शन के लिए उकसाने पर तीन छात्रों पर आरोप लगे थे। इनमें छात्रों और उनके अभिभावकों को पत्र भेजे गए थे। दोनों छात्रों ने प्रॉक्टर के समक्ष अपनी बात रखी। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। यासीन ने कहा कि उन पर दबाव बनाने के लिए उन्हें निलंबित किया गया है।
