तालानगरी में करीब 1000 इकाइयों में रोजाना 10 हजार श्रमिक पहुंचते हैं लेकिन बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं, सर्विस रोड पार्किंग में तब्दील है, किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं और कूड़ा जलाए जाने से धुआं फैल रहा है, दो नए सार्वजनिक शौचालय महीनों से टेंडर न होने से बंद पड़े हैं जिससे महिला श्रमिकों को ज्यादा परेशानी है।

अलीगढ़ शहर की औद्योगिक पहचान तालानगरी में कारखाने तो बढ़े, लेकिन बुनियादी सुविधाएं अब भी बदहाल हैं। करीब 1000 इकाइयों में रोजाना 10 हजार श्रमिक पहुंचते हैं, लेकिन सर्विस रोड पर वाहनों का कब्जा है, जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं और कूड़ा जलाया जा रहा है। नए बने सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लटके हैं और पार्क झाड़ियों से पटे हैं। जर्जर सड़क, जलनिकासी और बिजली कटौती की समस्या भी उद्यमियों और श्रमिकों की परेशानी बढ़ा रही है।
सर्विस रोड बनी पार्किंग
सर्विस रोड पर सुबह से देर रात तक वाहन खड़े रहते हैं। कुछ फैक्ट्रियों के सामने रास्ते को ही पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कई जगह बैरिकेडिंग के कारण सड़क और संकरी हो गई है। पार्किंग के निर्धारित स्थानों पर भी दुकानों के कब्जे हैं।
कूड़ा जल रहा, पार्क बदहाल
फुटपाथ और सर्विस रोड के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। उद्यमियों के अनुसार नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है। कचरा जलाए जाने से धुआं फैलता है। वहीं पार्कों में झाड़ियां और मलबा जमा है। कई जगह चहारदीवारी भी टूटी है।
शौचालय बने, ताले नहीं खुले
श्रमिकों के लिए बनाए गए दो नए सार्वजनिक शौचालय महीनों से बंद हैं। संचालन और रखरखाव का टेंडर नहीं होने के कारण इनमें ताले लटके हैं। इससे खासकर महिला श्रमिकों को परेशानी होती है।
सड़क, नाला और बिजली भी समस्या
औद्योगिक क्षेत्र की कई सड़कें जर्जर हैं। बारिश में कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है। गंदे पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पुराने बिजली के खंभे और लटकते तार भी कई जगह नजर आते हैं। उद्यमियों के मुताबिक बिजली की कटौती और ट्रिपिंग से काम प्रभावित होता है।
उद्यमी बोले
35 साल बाद भी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलीं। सॉलिड वेस्ट और ड्रेनेज की समस्या बनी हुई है। फायर स्टेशन खुला है, लेकिन हाइड्रेंट प्वाइंट नहीं हैं। – सुनील दत्ता, महामंत्री, तालानगरी औद्योगिक एसोसिएशन
हर महीने लाखों रुपये टैक्स देने के बाद भी सफाई और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। – राजकुमार अग्रवाल, उद्यमीयूपीसीडा : सुधार की तैयारी
क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा श्याम गोपाल ने कहा कि सॉलिड वेस्ट और डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए निजी कंपनी से बातचीत चल रही है। पांच आरसीसी व टाइल्स युक्त सड़कों का निर्माण शुरू कराया जा रहा है। ड्रेनेज सुधार के लिए आईआईटी रुड़की से सर्वे कराया जा रहा है। शौचालयों के संचालन के लिए उद्यमियों से सहयोग मांगा गया है।दावे और जमीन की तस्वीर
जून की उद्योग बंधु बैठक में तालानगरी की सफाई, स्ट्रीट लाइटें और अन्य बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठा था। डीएम ने समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बाद अगस्त में डीएम के तालानगरी दौरे में यूपीसीडा ने बताया था कि पुरानी सफाई एजेंसी का अनुबंध खत्म हो चुका है और नई एजेंसी के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही नियमानुसार सफाई शुरू कराने की बात कही गई, लेकिन जमीन पर अब तक बदलाव नहीं है। 132 केवी विद्युत उपकेंद्र को लेकर भी चर्चा हुई। उद्यमियों ने छेरत में निर्माणाधीन उपकेंद्र के साथ तालानगरी के पास करीब दो हेक्टेयर जमीन पर नया उपकेंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया, जिस पर डीएम ने संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
