महेंद्र और उनका समूह नेपाल के रास्ते चीन की सीमा तक पहुंच गया था। इसके बाद नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक बाढ़ आने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के बाद उनसे संपर्क टूट गया। नेपाली सरकार की रिपोर्ट में महेंद्र का नाम लापता कनाडाई नागरिकों की सूची में बताया जा रहा है।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले सैकड़ों यात्रियों के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ और संचार व्यवस्था बाधित होने के बाद कई यात्रियों से संपर्क टूट गया है।
परिजनों के मुताबिक महेंद्र और उनका समूह नेपाल के रास्ते चीन की सीमा तक पहुंच गया था। इसके बाद नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक बाढ़ आने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के बाद उनसे संपर्क टूट गया। नेपाली सरकार की रिपोर्ट में महेंद्र का नाम लापता कनाडाई नागरिकों की सूची में बताया जा रहा है।
बाढ़ के बाद दुर्गम पहाड़ी इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हेलीकॉप्टर और अन्य माध्यमों से यात्रियों की तलाश की जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि महेंद्र और उनके साथ यात्रा कर रहे लोग किस स्थिति में हैं।
हर फोन की घंटी पर टिकी परिवार की नजर
कनाडा में पत्नी सुमन और बेटा योगेश महेंद्र की सलामती की खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक महेंद्र का भारत और यहां के तीर्थस्थलों से गहरा लगाव है। जिस कैलाश के दर्शन की इच्छा उन्हें हजारों किलोमीटर दूर ले गई उसी यात्रा में आई प्राकृतिक आपदा ने परिवार को चिंता में डाल दिया है।