पूर्वांचल में आफत की बारिश हुई। पूर्वांचल के वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र में 24 घंटे के दौरान तेज हवाओं के साथ जमकर हुई बारिश ने तबाही मचाई।
सावन महीने की शुरुआत में पूर्वांचल के अधिकांश जिलों में कम बारिश हुई, लेकिन अंतिम चरण में वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र में 24 घंटे के दौरान तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई।
वाराणसी में 24 घंटे में 130 मिमी बारिश हुई। चेतगंज थाना क्षेत्र के कालीमहल तिराहे पर त्रिलोकी मोदनवाल (50) की करंट से मौत हो गई। सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा (काजीपुर खुर्द) में पिता-पुत्र की करंट से मौत हो गई। चोलापुर थाना क्षेत्र के रूपचंदपुर गांव में मंगलवार की सुबह बारिश के दौरान बिजली गिरने से विनय यादव (25) की मौत हो गई। पुरानी दीवार ढहने से ठेले पर सोए दंपती रवींद्र नाथ मिश्रा (60) और उनकी पत्नी प्रतिमा मिश्र (55) की मलबे में दबकर मौत हो गई। शहर में 11 जगहों पर पेड़ गिरे। आधे शहर में बत्ती गुल रही। हुकुलगंज में ट्रांसफाॅर्मर ब्लास्ट हो गया। उधर, बीएचयू कैंपस पूरी तरह से तालाब बना रहा। बीएचयू अस्पताल में कमर भर पानी से होकर लोग दवा-इलाज के लिए पहुंचे।

उधर, मिर्जापुर जिले के शहर क्षेत्र में स्थित जुबली स्कूल के एक कमरे की छत गिर गई, जबकि मड़िहान क्षेत्र में तीन लोगों के कच्चे मकान गिर गए। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। बारिश के कारण क्षमता से अधिक पानी भर जाने से जरगो जलाशय के तीन गेट खोल दिए गए। जिले में पूरी रात बारिश हुई। हालांकि मंगलवार को दिन में बादल छाए रहे लेकिन बारिश नहीं हुई। शाम को फिर तेज बारिश हुई।
भदोही जिले में 24 घंटे में 88 मिलीमीटर बारिश हुई। सोमवार की देर शाम शुरू हुई बारिश रात भर होती रही। इससे हाईवे की सर्विसलेन, मंदिर, काॅलोनियों में पानी भर गया। मंगलवार की सुबह भी जिले भर में बारिश हुई। बारिश की वजह से अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरकर 31 और न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री गिरावट के साथ 26 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि दोपहर के समय मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में धूप दिखी। ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, नईबाजार, मोढ़, दुर्गागंज, घोसिया, औराई इलाके में अच्छी बारिश हुई।
गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के मड़रिया गांव में सोमवार को देर रात भारी बारिश के चलते केदारनाथ चौहान का मकान गिर गया। केदारनाथ ने बताया कि बेटा योगेश चौहान और बहू कमरे में सो रहे थे। मकान गिरने से दोनों को चोटें आईं। दोनों का इलाज चिरैयाकोट स्थित हड्डी अस्पताल में चल रहा है। सुहवल क्षेत्र के ताड़ीघाट विद्युत उपकेंद्र से संचालित पकड़ी फीडर की मुख्य हाईटेंशन लाइन में सोमवार की रात करीब 9 बजे खराबी आ गई। हल्की बारिश के दौरान पैदा हुई गड़बड़ी से 12 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब 13 घंटे बाद सुबह दस बजे खराबी दुरुस्त कर आपूर्ति शुरू हुई।
बलिया जिले में बीते 24 घंटे के अंदर कभी तेज व कभी धीमी बारिश होती रही। शहर सहित आसपास के इलाकों में तेज बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति रही। मंगलवार की सुबह करीब आधा घंटे तक कभी तेज व कभी धीमी बारिश हुई। इस दौरान 14 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ प्रो. सुरेश सिंह ने बताया कि 36 घंटे के अंदर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
मऊ में सोमवार की देर शाम शुरू हुई बारिश मंगलवार की सुबह तक रुक-रुककर होती रही। जिले में 17 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। नगर के निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ा। सुबह 10 बजे के बाद धूप और बादलों की आवाजाही बनी रही। औसत से कम बारिश होने के कारण किसान परेशान हैं। उन्हें निजी संसाधनों से फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है। जून और जुलाई में भी औसत से कम बारिश हुई है। अगस्त में अब तक 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि बारिश से धान की फसल को फायदा मिलेगा।
आजमगढ़ में नगरपालिका की तरफ से 22.73 लाख रुपये खर्च कर शहर के 52 नालों की सफाई कराई गई थी, लेकिन सोमवार की पूरी रात हुई 93.4 मिमी बारिश ने नगरपालिका के दावों की पोल खोल दी। शहर के एसकेपी इंटर कॉलेज के सामने पानी भर गया। नाले चोक हो गए। पहाड़पुर तिराहा, बदरका ईदगाह, रैदोपुर, तकिया आदि क्षेत्रों में भी जलभराव हो गया। नगर के पांडेय बाजार स्थित नगरपालिका के जलकल कार्यालय में भी पानी भर गया। सीओ फूलपुर के आवास परिसर में भी पानी भर गया।
जौनपुर जिले में बीते 24 घंटे में 109.2 मिमी बारिश हुई। रामपुर थाने में पानी भर गया। सिंगरामऊ फीडर से 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर गिर जाने से बिजली आपूर्ति 12 घंटे तक ठप रही। इससे 25 गांवों की बिजली गुल रही। सिरकोनी के सेंधीपुर गांव में सीसम का पेड़ गिर जाने से जफराबाद-देवकली मार्ग पर आवागमन दो घंटे तक बाधित रहा।
सोनभद्र जिले में सोमवार की शाम शुरू हुई बारिश पूरी रात जारी रही। पिछले 24 घंटे में पूरे जिले में 83 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण बांधों के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। नगवां बांध में जलस्तर अधिकतम से सिर्फ 1.25 मीटर नीचे है। इसके चलते बांध के चार गेट दोपहर में खोल दिए गए। सोन नदी के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चंदौली जिले में सोमवार की रात और मंगलवार को सुबह हुई बारिश से नगर की कई सड़कें पानी में डूब गईं। बारिश के चलते बांध लबालब भर गए हैं। बांधों से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। मूसाखाड़ बांध के पांच फाटक खोल दिए गए हैं और 7260 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं लतीफशाह बीयर से भी 2800 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में बहाया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार मूसाखाड़ बांध में 355 फीट जलस्तर बनाए रखने के लिए बारिश को देखते हुए पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बांध के पांच फाटकों को दो इंच ऊंचा खोलकर 7260 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कराया जा रहा है। इसके अलावा लतीफशाह बीयर से सवा दो फीट ऊंचाई से 2800 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा जा रहा है।