निजी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि मरीज को उनके यहां लाने से पहले कई अन्य जगहों पर दिखाया जा चुका था। जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।

अलीगढ़ के थाना रोरावर क्षेत्र स्थित नादा चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान सात माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजन ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला की हालत बेहद नाजुक थी और उसे मरणासन्न स्थिति में यहां लाया गया था।
गोंडा रोड स्थित गोश्त वाली गली नंबर 8 निवासी हिना की शादी 5 वर्ष पूर्व अतरौली के गिजरौली में हुई। परिजन के अनुसार, हिना सात माह की गर्भवती थीं और उनकी रीढ़ की हड्डी में समस्या थी, जिसका इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने पर परिजन पहले उन्हें मलखान सिंह जिला अस्पताल लेकर गए, जहां से डॉक्टरों ने जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन के अनुसार मेडिकल कॉलेज में भी हिना की गंभीर स्थिति बताकर डॉक्टरों ने किसी बड़े सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वह नादा पुल के पास स्थित एक निजी अस्पताल ले आए।
निजी अस्पताल के डॉक्टर दीपक ने बताया कि मरीज को उनके यहां लाने से पहले कई अन्य जगहों पर दिखाया जा चुका था। जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। इमरजेंसी में जांच करने पर यह भी सामने आया कि मरीज को पहले ही कहीं और स्पाइनल इंजेक्शन दिया गया था, जिसमें कोई गंभीर गड़बड़ी अथवा रिएक्शन हो चुका था। डॉक्टरों का कहना है कि परिजनों के आरोप सिर्फ मौत के गहरे सदमे और गुस्से का परिणाम हैं।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई । सीओ प्रथम संजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि परिजन इस संबंध में कोई शिकायत देते हैं, तो जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।


