मेरठ की डॉक्टर खुशाली मौत मामले की गुत्थी उलझी हुई है। खुशाली की मौत के मामले में मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी पति महिला चिकित्सक को ड्रग्स देता था। आरोप है कि बेटी के नाम से 15 लोन लिए थे।

मेरठ के मोदीपुरम के रॉयल पार्क एक्सटेंशन निवासी महिला चिकित्सक खुशाली की मौत के बाद पिता जगदेव और भाई रजत ने पति मयंक पर गंभीर आरोप लगाए। सोमवार को उन्होंने बताया कि मयंक खुशाली को खाने-पीने के सामान में ड्रग्स देता था। आरोपी उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी देता था। लगभग 12 लाख रुपये के 15 लोन खुशाली के नाम से ले लिए थे। इसके बावजूद आरोपी अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था।
देर रात पुलिस ने आरोपी पति मयंक और ससुर रिटायर्ड दरोगा हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। खुशाली का शव रविवार को पल्लवपुरम फेस-2 की सर्विस रोड स्थित क्लीनिक के ऊपर दूसरी मंजिल पर कमरे में लटका मिला था।
भाई रजत का कहना था कि खुशाली के दोनों हाथ आगे की ओर बंधे थे। वे दरवाजा तोड़कर कमरे में गए थे। बीएसएफ में दरोगा पिता जगदेव सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पति मयंक, सास निर्मला, ससुर हरेंद्र सिंह, देवर निशांत, देवरानी के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी।
मयंक के खिलाफ चेक बाउंस के मामले दर्ज
पिता और भाई रजत ने बताया कि काशीपुर और सोनीपत में उनके बहनोई मयंक के खिलाफ चेक बाउंस के मामले दर्ज हैं। 14 जनवरी 2026 को शादी के बाद से 29 जुलाई तक खुशाली ससुराल में रही। पति के मारपीट और उत्पीड़न से तंग आकर वह मायके पल्लवपुरम फेज-1 की रॉयल एक्सटेंशन कॉलोनी आ गई थी।
परिजनों का आरोप है कि नशीले पदार्थ के कारण खुशाली अक्सर नींद में रहती थी। उसके मुंह से झाग आ जाते थे। परिजन को बाद में जानकारी हुई कि मयंक उसे नशीले पदार्थ देता है। रजत के अनुसार, मयंक लोन के कागजात पर हस्ताक्षर करने, मायके से पांच लाख रुपये लाने का दबाव बनाता था।
आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देता था मयंक
रकम नहीं देने पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। मयंक बीएएमएस चिकित्सक है लेकिन कहीं नौकरी नहीं करता है। उसके पिता हरेंद्र सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। उनके नाम से भी मयंक धमकी देता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगने से मौत की पुष्टि
सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि चिकित्सकों ने जानकारी दी है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगने से मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि मौत का स्पष्ट कारण पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। आरोपियों पर दहेज हत्या में कार्रवाई की जा रही है।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले
सोमवार को सीओ दौराला शिव ठाकुर और एसओ पल्लवपुरम भरत सारस्वत घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने मायके पक्ष की मौजूदगी में जांच की। पुलिस ने घटनास्थल के बाहर लगे एक अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे चेक किए मगर वह खराब थे। इसके चलते पुलिस आसपास के सीसीटीवी के फुटेज खंगाल रही है।




