जांच में यह खुलासा हुआ है कि जुनैद ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए एक शातिर सिंडिकेट तैयार किया था। वह ठगी की रकम को सीधे अपने खाते में न मंगवाकर अपने सहयोगियों सुहेल अहमद, उकैस, दीपक कुमार, मोहम्मद बिलाल और जेबा परवीन के खातों में ट्रांसफर करवाता था।

एएमयू कर्मचारियों और आम नागरिकों से करीब 400 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी जुनैद के 22 बैंक खातों को ट्रैक कर लिया है। पुलिस उसके सहयोगियों की तलाश में दबिश दे रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए वित्तीय हेरफेर का सहारा लिया। पुलिस अब इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) के जरिए उसके लेनदेन की गहन छानबीन कर रही है। हैरानी की बात यह है कि जुनैद ने वर्ष 2024 के बाद से अपना कोई भी आईटीआर दाखिल नहीं किया है, जो उसके इरादों और काली कमाई को छुपाने की कोशिश को दर्शाता है।
सभी बैंक खातों को फ्रीज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। जांच अधिकारी मामले से जुड़े हर एक बिंदु को बारीकी से खंगाल रहे हैं ताकि निवेशकों का पैसा वापस दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जा सके। – सर्वम सिंह, सीओ तृतीय।



