वर्ष 2016 में नुमाइश के दौरान पहली बार मैट पर कुश्ती प्रतियोगिता हुई। 72 गद्दों वाला मैट मंगाया गया था। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद मैट और गद्दों को स्पोर्ट्स स्टेडियम में रख दिया गया। धीरे-धीरे गद्दे गायब होते गए और अब तक 40 गद्दों का कोई पता नहीं है।

कुश्ती के लिए सात लाख के 72 गद्दे मंगवाए गए थे लेकिन स्पोर्ट्स स्टेडियम से 40 गद्दे गायब हो गए। बचे गद्दे भी बदहाल हैं। इससे खिलाड़ियों के लिए मैट पर अभ्यास और प्रतियोगिता कराने की सुविधा प्रभावित हो रही है।
स्टेडियम में अब जो गद्दे बचे हैं, वे भी लंबे समय से रखे रहने के कारण खराब हो चुके हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने मैट पर अभ्यास और प्रतियोगिता के लिए पर्याप्त व सुरक्षित गद्दों की समस्या खड़ी हो गई है। लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई यह खेल सुविधा अब अपनी बदहाली पर सवाल उठा रही है।
मैट पर कुश्ती कराने का मकसद खिलाड़ियों को बेहतर, सुरक्षित अभ्यास सुविधा और ओलंपिक मानक पर तैयार करना है। सात लाख रुपये के गद्दे जिला प्रशासन ने खरीदे थे। अब 40 गद्दे गायब हो गए हैं, जबकि बाकी गद्दों की हालत खराब है।-भगत सिंह बाबा, सचिव, जिला कबड्डी संघ
मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। मैट में गद्दे कम हैं। इसलिए नए मैट के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। नए मैट के आने से खिलाड़ियों को अभ्यास करने में सुविधा होगी।-पूनम लता, जिला क्रीड़ा अधिकारी



