यूपी के वाराणसी में बीमारी से पति का निधन हो गया। पत्नी और बेटे ने अंतिम संस्कार नहीं किया। होम स्टे में आकर मां-बेटे ने भी खुदकुशी कर ली। एक दिन बाद दुखी होकर पत्नी और बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। तीन दिन पहले दर्शन-पूजन के लिए महाराष्ट्र से परिवार काशी आया था। लक्सा पर होम स्टे में ठहरे थे।

वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र के वाची होम स्टे में ठहरे मां-बेटे (जया मुखर्जी और ईशान मुखर्जी) ने सोमवार की रात जहर खाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक एक दिन पहले महिला के पति विशाल मुखर्जी का बीमारी से निधन हो गया था। पति का अंतिम संस्कार भी नहीं किया और दुखी होकर दोनों ने जान दे दी।
परिवार महाराष्ट्र से तीन दिन पहले ही काशी दर्शन-पूजन के लिए आया था। होम स्टे से जहर के पैकेट मिले हैं। लक्सा पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने छानबीन की। काशी जोन के एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान ने होम स्टे के मैनेजर व कर्मियों से पूछताछ की है।
महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी विशाल मुखर्जी (55), उनकी पत्नी जया (51) और बेटा ईशान (27) सात अगस्त को काशी आए थे। लक्सा थाना क्षेत्र के वाची होम स्टे में कमरा बुक कराया। तीनों ने पहले दिन काशी दर्शन किए और फिर आकर कमरे में ठहर गए।
एडीसीपी ने बताया कि रविवार की रात अचानक कमरे में विशाल मुखर्जी की तबीयत बिगड़ गई तो होम स्टे के कर्मचारियों और पुलिस की मदद से उन्हें बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कमरे में बेड पर पड़े थे मां-बेटे
दोनों उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर होम स्टे में चले गए। सोमवार की सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस पहुंची तो दरवाजा किसी तरह खोला गया। पुलिस ने देखा कि मां-बेटे कमरे में बेड पर पड़े थे।
दोनों उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर होम स्टे में चले गए। सोमवार की सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस पहुंची तो दरवाजा किसी तरह खोला गया। पुलिस ने देखा कि मां-बेटे कमरे में बेड पर पड़े थे।
दोनों के मुंह से झाग निकला था और उल्टी भी की थी। पुलिस दोनों को मंडलीय अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने दोनों के मोबाइल भी कब्जे में लिए हैं।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान ने बताया कि छानबीन में सामने आया कि विशाल मुखर्जी की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। मोबाइल पर आए परिचितों के फोन कॉल से यह जानकारी हुई। विशाल ने लोन भी ले रखा था। जया की भी तबीयत ठीक नहीं रहती थी।
एक दिन पहले पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। मां-बेटे संभवतः इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सके और यह कदम उठा लिया। महाराष्ट्र के उनके परिजनों और रिश्तेदारों को घटना की जानकारी दे दी गई है। उनके आने पर एक साथ ही माता-पिता और बेटे का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। -वैभव बांगर, एडीसीपी काशी जोन



