
मुस्कान के अंतिम सस्कार के बाद शीलू, पिता सुरेंद्र, मां निशा व छोटे भाई मनीष को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। वहीं, मृतका के पिता फरमाणा गांव निवासी सुखबीर का आरोप है कि शीलू ने परिजनों के साथ मिलकर दहेज के लिए मुस्कान की हत्या कर दी या साजिश रचकर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया है।

मृतका के पिता का आरोप है कि मुस्कान को पता लग गया था कि शीलू के लड़कियों के साथ अवैध संबंध हैं। सबूत भी उसके हाथ लग गए थे। इसके कारण शीलू व परिवार के लोग इतने डर गए थे कि मुस्कान को जान से मारने तक की धमकी देने लग गए थे। मुस्कान को डराते थे कि अगर तूने ये सब बातें बाहर किसी को बताई या दिखाई तो जान से मार देंगे।
शनिवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक मुस्कान का तीन सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम में आत्महत्या करने की आशंका व्यक्त की गई है। फिर भी आगे की जांच के लिए विसरा मधुबन भेजा गया है। इसके अलावा नाखून व कपड़ों के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। तीन दिन में पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट जारी की जाएगी।
फरमाणा की पंचायत ने कहा कि वे बेटी मुस्कान का अंतिम संस्कार अपने गांव में करेंगे। इस पर बहुअकबरपुर की पंचायत ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सामाजिक परंपरा को देखते हुए ससुराल में ही अंतिम संस्कार होना चाहिए। मुस्कान के परिजनों ने शर्त रखी कि अगर आरोपियों को बहुअकबरपुर की पंचायत गिरफ्तार कराने में सहयोग करती है तो वे अंतिम संस्कार ससुराल में करने को तैयार हैं। आखिर में बहुअकबरपुर की पंचायत के आश्वासन पर शाम करीब 4 बजे ससुराल में ही मुस्कान का अंतिम संस्कार किया गया। खुद शीलू ने पत्नी के शव को मुखाग्नि दी।
शुक्रवार को रात 9 बजे फरमाणा की पंचायत व मुस्कान के परिवार के लोग बहुअकबरपुर थाने में पहुंचे और देर रात तक बयान दर्ज कराने को लेकर मंथन करते रहे। आखिर में पिता सुखबीर ने लिखित में बयान दर्ज कराए। देर रात 2 बजे शीलू बल्हारा, उसके पिता सुरेंद्र बल्हारा, भाई मनीष व मां निशा के खिलाफ दहेज के लिए आत्महत्या को मजबूर करने व साजिश रचने की एफआईआर दर्ज की गई।
सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर शीलू ने लिखा-यारा तेरी कमी रहेगी…: शीलू ने शुक्रवार रात पत्नी मुस्कान की आत्महत्या के बाद इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर की। मुस्कान के साथ पांच फोटो डालकर लिखा-बहुत गलत हुआ। पंजाबी सांग आंखों के विच नमी रहेगी, यारा तेरी कमी रहेगी…।
मुस्कान की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में बिखेर दिया। करीब दो साल पहले अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा के साथ शादी के बंधन में बंधी मुस्कान अपने पीछे नौ माह के बेटे हार्दिक को छोड़ गई। मासूम के सिर से मां का साया उठ चुका है और पिता समेत परिवार के चार सदस्यों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज होने के बाद उसके भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस का सबसे मार्मिक दृश्य हार्दिक का ही था।
पत्नी मुस्कान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपों का सामना कर रहे अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा का खेल कॅरिअर दांव पर है। शीलू विशेष रूप से कैचर की भूमिका में खेलते हैं। मुस्कान के मायके पक्ष ने शीलू बल्हारा पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। दुखद घटना उनके पेशेवर जीवन पर भी गहरा असर डाल सकती है। इस समय उनके खेल के मैदान पर वापसी की संभावनाओं पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है क्योंकि वे व्यक्तिगत आघात और कानूनी जांच के दौर से गुजर रहे हैं।
शुक्रवार
4:30 बजे : मुस्कान ने बहुअकबरपुर गांव में ऊपर कमरे में फंदा लगाया।
5:00 बजे : मायके पक्ष के लोग बहुअकबरपुर गांव में पहुंचे।
9.00 बजे : फरमाणा की पंचायत बहुअकबरपुर थाने में पहुंची।
2.00 बजे : आधी रात के बाद पिता सुखबीर ने कराई एफआईआर दर्ज
शनिवार
10:00 बजे : महम विधायक बलराम दांगी व बहुअकबरपुर की पंचायत सुबह पहुंची डेड हाउस।
11:20 बजे : फरमाणा गांव की पंचायत के साथ डेड हाउस पहुंचे मुस्कान के पिता सुखबीर उर्फ बिट्टू।
1:00 बजे : तीन सदस्यीय डाॅक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम शुरू किया, वीडियोग्राफी भी कराई गई।
3:00 बजे : दोनों गांवों की पंचायत मुस्कान का शव लेकर बहुअकबरपुर के लिए रवाना।
5:00 बजे : शाम को ससुराल बहुअकबरपुर में मुस्कान का अंतिम संस्कार।

पुलिस ने पत्नी मुस्कान की मौत के मामले में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू उर्फ टिंकू बल्हारा, पिता सुरेंद्र बल्हारा, भाई मनीष व मां निशा देवी के खिलाफ बीएनएस की धारा 80 व साजिश रचने की धारा बीएनएस 3 (5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। बीएनएस 80 (दहेज मृत्यु) के तहत कम से कम सात वर्ष की कैद का प्रावधान है। इसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है जबकि बीएनएस 3(5) किसी अपराध की साजिश में शामिल होने पर लगती है। अदालत चाहे तो मुख्य अपराध के बराबर ही साजिश में शामिल होने पर सजा दे सकती है।
Author: priya singh
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