जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब में बढ़ रहे नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत से युवाओं को दाढ़ी-केश धारण करने और गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने का आह्वान किया।

सिख कौम की संख्या और ताकत बनाए रखने के लिए हर सिख दंपति को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। यह बात श्री अकाल तख्त साहिब से तख्त श्री दमदमा साहिब तक निकाले जा रहे मीरी-पीरी खालसा मार्च की अगुवाई कर रहे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने फरीदकोट में कही।
श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर से शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च शुक्रवार को फरीदकोट पहुंचा। संगतों ने फूल बरसाकर और जयकारों के साथ मार्च का स्वागत किया। विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने मार्च की अगुवाई कर रहे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब में बढ़ रहे नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत से युवाओं को दाढ़ी-केश धारण करने और गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिख कौम को पंथ विरोधी ताकतों और उनकी साजिशों के प्रति भी सतर्क रहने की जरूरत है।
मीरी-पीरी सिद्धांत का संदेश
मीरी-पीरी खालसा मार्च का उद्देश्य श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के सिद्धांत, सिख कौम की एकता और श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता के संदेश को संगत तक पहुंचाना है। यह यात्रा 3 अगस्त को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगी।
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संगत से अपने स्तर पर युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए प्रयास करने की अपील की।



