राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ प्रदेश नेतृत्व के साथ संभावित नामों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना है। पूर्व आईएएस अधिकारी जगमोहन सिंह राजू संगठनात्मक दायित्वों से अलग होकर सामाजिक विषयों पर ध्यान देना चाहते हैं।

पंजाब भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन पुनर्गठन अंतिम चरण में है। जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब पार्टी प्रदेश स्तर की नई कोर टीम पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें उपाध्यक्षों और महासचिवों के नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद नई सूची जल्द जारी होने की उम्मीद है।
सुनील जाखड़ का प्रभाव भी महत्वपूर्ण
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का प्रभाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जाखड़ समर्थक नेताओं को स्थान देकर पार्टी हिंदू और ग्रामीण वोट बैंक को साध सकती है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं को भी प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया का दोआबा क्षेत्र में अनुभव और स्वीकार्यता महत्वपूर्ण है। प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश राठौर के प्रभाव वाले नेताओं को भी मालवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन के लिए स्थान मिल सकता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला के समर्थक नेताओं की दावेदारी मजबूत है। दलित समाज में उनकी पकड़ को देखते हुए पार्टी इस वर्ग की उपेक्षा नहीं करेगी। अविनाश राय खन्ना से जुड़े अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी संगठन में प्रतिनिधित्व मिल सकता है। संगठन महामंत्री श्रीनिवासल्लू अंतिम सूची को संगठनात्मक दृष्टि से संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी लंबे समय से काम कर रहे टकसाली भाजपाइयों को सम्मानजनक जिम्मेदारियां देगी।