कानपुर से सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां बर्रा सात में सौरभ सविता ने मंगलवार को पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने दरवाजा की कुंडी तोड़कर दोनों के शवों को बाहर निकाला। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य लिए। दोनों रिश्ते में चचेरे भाई-बहन थे।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दुखद खबर सामने आई है। बर्रा सात इलाके में एक नवविवाहित दंपती ने अपनी जान दे दी। युवक सौरभ सविता (23) ने अपनी पत्नी शालिनी उर्फ रानी (20) की दुपट्टे से गला कसकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर दोनों के शवों को बाहर निकाला और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। यह जोड़ा रिश्ते में चचेरे भाई-बहन थे और चार महीने पहले ही परिवार की मर्जी के खिलाफ कोर्ट मैरिज की थी।
जानकारी के अनुसार, सौरभ सविता (23) और शालिनी उर्फ रानी (20) तीन साल से प्रेम संबंध में थे। सौरभ के पिता नरेश सविता सचेंडी में सैलून चलाते थे और सौरभ भी उन्हें काम में मदद करता था।
रानी, जो रिश्ते में सौरभ की चचेरी बहन थी, से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस प्रेम संबंध को लेकर दोनों परिवारों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। लगभग चार महीने पहले, जब दोनों को एक साथ देखा गया, तो विवाद और बढ़ गया। मामला इतना आगे बढ़ गया कि दोनों परिवारों को सचेंडी थाने ले जाया गया। हालांकि, दोनों के बालिग होने के कारण पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज दिया था।
पारिवारिक मर्जी के खिलाफ कोर्ट मैरिज
पुलिस की समझाइश के बाद अगले ही दिन सौरभ और शालिनी ने अपने परिवारों की मर्जी के बिना कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद वे दिल्ली जाकर रहने लगे। पांच दिन पहले ही वे दिल्ली से लौटे थे और बर्रा सात में किराए के मकान में रहने लगे थे।
दर्दनाक अंत का खुलासा
मंगलवार दोपहर को, जब पहली मंजिल पर रहने वाली नीलम छत पर कपड़े सुखाने जा रही थीं, तो उन्होंने रोशनदान से दूसरी मंजिल पर कमरे के अंदर सौरभ को फंदे से लटका देखा। उन्होंने तुरंत मकान मालिक को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बर्रा पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने अंदर से बंद दरवाजे की कुंडी तोड़ी। कमरे के अंदर चटाई पर शालिनी का शव पड़ा था, जिसकी गर्दन पर कपड़े से कसने के निशान थे। यह दृश्य किसी भयानक वारदात की ओर इशारा कर रहा था। पास रखे एक रजिस्टर पर शालिनी के मौसा का फोन नंबर लिखा था, जिस पर पुलिस ने संपर्क कर घटना की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और शालिनी के गले पर गला घोंटने के स्पष्ट निशान मिले हैं। क्राइम सीन के आधार पर पुलिस का मानना है कि सौरभ ने पहले अपनी पत्नी शालिनी की हत्या की और उसके बाद आत्महत्या की।
पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए दोनों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच कर रही है। परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि इस दुखद घटना के पीछे की वजह का खुलासा हो सके। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस प्रेम कहानी के दर्दनाक अंत पर स्तब्ध हैं।
डेढ़ घंटे में क्या हुआ जो पत्नी को मारकर खत्म की जिंदगी
कानपुर के बर्रा सात स्थित मकान की दूसरी मंजिल पर मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को दोनों के शव मिले। नजदीक मिले रजिस्टर पर कुछ मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। इनमें से बर्रा आठ में रहने वाले शालिनी के मौसा कृष्ण कुमार सविता का नंबर भी था।
पुलिस ने उन्हें सौरभ का पिता समझकर घटना की जानकारी दी, जिस पर वह तुरंत मौके पर आए। शव देखने के बाद उन्होंने खुद को शालिनी का मौसा बताया। उनके माता-पिता को मौत की खबर दी।
महिला के माता-पिता ने दोपहर डेढ़ बजे बेटी और दामाद से फोन पर बात होने की बात कही। कहा कि दोनों बेहद सामान्य थे ऐसे में थोड़ी देर में अचानक ऐसा क्या हो गया जो बात जान लेने देने की नौबत तक आ गई। वहीं सूचना के बावजूद सौरभ के परिवार से कोई नहीं आया।
शालिनी के परिवार में मां पिंकी, पिता गुड्डू, छोटी बहन संध्या और भाई शालू हैं। मां पिंकी और पिता गुड्डू ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी रानी और सौरभ प्रेम विवाह के बाद दिल्ली जाकर रहने लगे थे।
पांच दिन पहले बेटी ने फोन कर वापस आने की जानकारी दी थी। उसने दिल्ली से आने की वजह तबीयत खराब होना बताया था। मंगलवार दोपहर भी बेटी और सौरभसे बात हुई थी। दोनों की बातचीत से बिल्कुल नहीं लगा कि वह ऐसा कोई कदम उठा सकते हैं।
सोमवार शाम को घूम कर लौटे थे दोनों
मकान में रहने वाली नीलम ने पुलिस को बताया कि सौरभ और रानी हालिया रहने आए हैं। उनसे ज्यादा बात नहीं हुई। दोनों सोमवार शाम को कहीं घूमने गए थे और करीब दो घंटे बाद वापस लौटे थे। उन दोनों को न तो किसी देखा और न हीं चीखने की कोई आवाज सुनी। पुलिस को शव को पास एक तकिया भी मिली थी।