मौत का ट्रैक’: साजिश या मजबूरी? गले में हाथ डाले हुए थे, ट्रेन के आगे कूदे, मां बोली- सुसाइड नहीं, ये कत्ल है

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Kanpur Couple Death News: घाटमपुर के पास रेलवे ट्रैक पर मिले सुमित और ज्योति के शवों के मामले में नया मोड़ आ गया है। प्रत्यक्षदर्शी इसे खुदकुशी मान रहे हैं। वहीं, सुमित के परिजनों ने ज्योति के पूर्व ससुराल पक्ष पर हत्या करने और शवों को ट्रैक पर फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।

कानपुर में घाटमपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे खुदकुशी करने वाले दंपती सुमित उर्फ उदयप्रकाश (26) और ज्योति (26) की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंची सुमित की मां राजलक्ष्मी, बड़े भाई ब्रह्मप्रकाश ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या करार दिया।

आरोप है कि ज्योति के बहनोई समेत कुछ लोगों ने पहले दोनों की हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को कानपुर-बांदा रेलवे लाइन पर फेंक दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।

एक साल पहले काम करने गया था पानीपत
रेऊना थानाक्षेत्र के गौरा गांव निवासी सुमित उर्फ उदयप्रकाश मजदूरी करता था। परिवार में पिता रोहित कुमार, मां और मझिला भाई भानू, बहन रमाकांती, शशी, मंजू हैं। मां ने आरोप लगाया कि बेटा सुमित एक साल पहले पानीपत काम करने गया था, जहां उसकी मुलाकात रेऊना के बारा दौलतपुर निवासी छोटे से हुई थी।

मंदिर में दोनों ने कर ली थी शादी
इस दौरान सुमित के प्रेम संबंध छोटे की पत्नी ज्योति से हो गए थे। इसके बाद ज्योति अपनी तीन बेटियों को छोड़कर सुमित के साथ गांव आ गई थी। कुछ ही दिन बाद दोनों ने मंदिर में शादी कर ली थी। मां ने बताया कि बीते वर्ष अगस्त में छोटे घर आया और हंगामा कर जबरन ज्योति को अपने साथ ले गया।

गंभीर परिणाम भुगतने की दी थी धमकी
उन लोगों ने विरोध किया, तो दोनों पक्षों में हंगामा हो गया था। इसके बाद 5-6 दिन के भीतर ही ज्योति वापस आ गई थी। तब से ज्योति सुमित के साथ अपने मायके में रह रही थी। मां और बड़े भाई का आरोप है कि मोहर्रम वाले दिन ज्योति के बहनोई और गांव के एक युवक ने घर पहुंचकर पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।

रेलवे ट्रैक पर शव मिलना संयोग नहीं
इतना ही नहीं, मंगलवार दोपहर बाजार में भी सुमित को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई थी। परिजनों का कहना है कि धमकी के कुछ ही घंटों बाद दोनों के शव रेलवे ट्रैक पर मिलना संयोग नहीं हो सकता। इधर, ज्योति के मायके पक्ष के पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचने से भी परिजनों ने कई सवाल खड़े किए हैं।

सभी पहलुओं की जांच की जाएगी
सुमित के भाई का आरोप है कि जब उन्होंने ज्योति के घरवालों को सूचना दी, तो उन्होंने शव लेने से भी इनकार कर दिया और उलटा धमकी दी। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में मामला ट्रेन से खुदकुशी का माना जा रहा है, लेकिन सुमित के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। जीआरपी भीमसेन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

मौत भी नहीं कर पाई उन्हें जुदा
पानीपत में रहने के दौरान ज्योति और सुमित का प्यार ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसमें खा ली। इसके बाद शादी करके दोनों एक साथ रहने लगे, लेकिन समाज को यह मंजूर नही हुआ। इस पर दोनों को आए दिन धमकियां मिलने लगी।

गले में हाथ डालकर जा रहे थे दोनों
इसके बाद दोनों ने खुदकुशी करने का फैसला लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने जीआरपी को बताया कि दोनों एक दूजे के गले में हाथ डालकर जा रहे थे, इसके बाद अचानक वहां से गुजर रही ट्रेन के आगे कूद गए। जीआरपी के अनुसार दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे मिले थे।

पंचायतनामा में भी ज्योति का पति सुमित
परिवार ने ज्योति को बहू मानते हुए उसके पंचायतनामें में पति की जगह पर सुमित का नाम दर्ज कराया है। परिजनों ने कहा कि ज्योति जब उनके बेटे सुमित के साथ एक साल पहले शादी कर चुकी है, तो उसका अंतिम संस्कार भी पूरे विधि-विधान से करेंगे।

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Author: ILMA NEWSINDIA

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