पंजाब कांग्रेस की रार: प्रभारी भूपेश बघेल आए आएंगे चंडीगढ़, नाराज चन्नी के अलावा राजा वड़िंग से मिलेंगे

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भूपेश बघेल चंडीगढ़ कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे। वह नाराज नेताओं से भी बात करेंगे ताकि उनकी नाराजगी दूर हो सके। पार्टी को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा।

Punjab Congress In-charge Bhupesh Baghel visit Chandigarh today amarinder singh Raja Warring charanjit Channi

पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ दिन से असंतोष चल रहा है। इस स्थिति को संभालने के लिए प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार को चंडीगढ़ आ सकते हैं। वह नेताओं से विचार विमर्श करेंगे और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद बघेल हाईकमान को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेंगे।

बघेल चंडीगढ़ कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे। वह नाराज नेताओं से भी बात करेंगे ताकि उनकी नाराजगी दूर हो सके। पार्टी को एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा। प्रियंका गांधी की ओर से भेजे गए दो वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने भी पंजाब के कई वरिष्ठ कांग्रेसियों से मुलाकात की है। वे भी अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे। बघेल की सिफारिश पर ही पंजाब कांग्रेस में पहले कोई बदलाव नहीं किया गया था इसलिए पंजाब में उनका यह दौरा अहम होने वाला है।

मोहम्मद मुस्तफा का खुला पत्र

पूर्व मंत्री रजिया सुल्तान के पति मोहम्मद मुस्तफा ने हाईकमान को एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद छोड़ देना चाहिए। मुस्तफा ने हाईकमान से अपील की है कि पंजाब में जारी उथल-पुथल को खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठाए जाएं। उनका मानना है कि वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह असंतोष खत्म होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में योग्यता के आधार पर ही प्रधान चुना जाना चाहिए। मुस्तफा को पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का करीबी माना जाता है।

एकजुटता का आह्वान

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने कांग्रेस नेताओं से अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी नेता व्यक्तिगत मतभेद और गुटबाजी को पीछे छोड़ दें। संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। भाजपा और आम आदमी पार्टी को कांग्रेस के खिलाफ दुष्प्रचार का अवसर नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने पंजाब कांग्रेस नेतृत्व से व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर काम करने का आग्रह किया।

हाईकमान का आश्वासन और निर्णय प्रक्रिया

हाईकमान ने सभी नाराज कांग्रेसियों को आश्वस्त किया है कि उनकी बात पूरी तरह से सुनी जाएगी। सभी नेताओं के विचार विमर्श के बाद ही पार्टी में कोई फैसला लिया जाएगा। पार्टी में चल रही गुटबाजी वर्ष 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पूरी तरह से खत्म किया जाना लक्ष्य है। मोहम्मद मुस्तफा ने भी कहा कि इस तरह के हालात पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं।

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Author: Farheen

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