मथुरा में महज आधे घंटे की बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए और भूतेश्वर व नए बस स्टैंड के अंडरपास में कई फीट पानी भरने से यातायात रोकना पड़ा। जलभराव और जाम के बीच लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी के रास्ते आने-जाने को मजबूर रहे।

मथुरा में शुक्रवार दोपहर हुई आधे घंटे की तेज बरसात में शहर के नाले-नालियां उफान मारने लगे और जगह-जगह भयंकर जलभराव हो गया। कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण आवागमन बाधित हो गया। नए बस स्टैंड और भूतेश्वर अंडरपास पर निर्माण कार्य ने राहगीरों की मुश्किलें और बढ़ा दी। अंडरपास के नीचे कई फीट पानी भर गया, गुजरते समय कई वाहन डूब गई। किसी तरह ट्रैफिक पुलिस ने कार सवारों को बाहर निकाला और फिर क्रेन से कार खींची गई। फिर दोनों अंडरपासों पर जेसीबी लगाकर वाहनों का आवागमन रोका।
तेज धूप और उमस भरी गर्मी के साथ लोगों की सुबह हुई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया उमस और बढ़ती गई। करीब 11 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। थोड़ी देर बाद तेज बारिश शुरू हो गई। आधे घंटे की वर्षा में शहर के भूतेश्वर चौराहा रेलवे पुल के नीचे कई फीट पानी भर गया। नगर निगम ने यहां पर जेसीबी से बैरिकेडिंग कराकर आवागमन बंद कर दिया। इसी तरह नया बस स्टैंड रेलवे पुल के नीचे भी पानी भर जाने के कारण आवागमन बंद किया गया और पंप सेट लगाकर जलनिकासी का कार्य शुरू हुआ।
भूतेश्वर चौराहे पर पाइप लाइन के पंप सेट लगाने का कार्य चल रहा है और नए बस स्टैंड रेलवे पुल पर नई रेल लाइन बिछाई जा रही है। दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य ने राहगीरों की और मुसीबत बढ़ा दी। आवागमन बंद होने से राहगीर जान जोखिम डालकर रेलवे लाइन से गुजरते रहे। इधर, बारिश से श्रीजी बाबा आश्रम, कृष्णा नगर, शंकर विहार, राधिका विहार, महोली रोड, चंदनवन समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। हालांकि बारिश बंद होने के कई घंटे बाद यातायात व्यवस्था पटरी पर लौटी और आवागमन सुचारू किया।
लगातार बारिश से और बिगड़ सकते हैं हालात
चंद मिनटों की बारिश ने नगर निगम के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी, जबकि मानसून से पहले ही नाले-नालियों की सफाई का दावा किया जा रहा था। अब आधे घंटे की बारिश में नाले-नालियों उफान मारने लगे। इनसे निकला कूड़ा-कचरा सड़कों पर बहने लगा। शहर की कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। इससे साफ है कि अगर दो या तीन घंटे तक लगातार बारिश हुई तो शहर की हालात और बिगड़ सकते हैं।
बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था, गलियों से निकले राहगीर
बारिश बंद होने के बाद अचानक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा, जिससे शहर के मुख्य चौराहे और संपर्क मार्ग भीषण जाम लग गया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति भूतेश्वर चौराहा, नया बस स्टैंड, कृष्णा नगर और महोली रोड के आसपास देखने को मिली। जलभराव के कारण भूतेश्वर और नए बस स्टैंड अंडरपास पहले से ही बंद थे, जिसके चलते सारा ट्रैफिक डायवर्ट होकर वैकल्पिक मार्गों पर आ गया। संकरी सड़कों पर अचानक गाड़ियों का रेला उमड़ने लगा तो रिंग रोड और अंदरूनी मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मुख्य चौराहों पर स्थिति को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
बारिश के बाद मौसम सुहावना, 8 को फिर होगी बारिश
शुक्रवार को दिन में हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। वहीं पिछले कई दिन से गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिली। मौसम विभाग ने आज और कल बूंदाबांदी तथा 8 जुलाई को जोरदार बारिश होने की उम्मीद जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को आधा घंटे की बारिश से गर्मी से राहत मिली है। उन्होंने बताया कि आज और कल हल्की बूंदा-बांदी हो सकती है। दोनों दिन 4.30 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद है। आठ जुलाई को 15 से 16 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद है।
महिला अस्पताल में जलभराव, मरीज रहे परेशान
बारिश के कारण महिला अस्पताल आए मरीज और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक हुई बारिश के कारण अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने जलभराव हो गया। गंदे पानी से होकर मरीजों और तीमारदारों को ओपीडी तक जाना पड़ा। गोवर्धन से अपनी गर्भवती पुत्रवधू आरती के साथ आई सावित्री देवी ने बताया कि बारिश के कारण अस्पताल के मुख्य द्वार पर जलभराव हो गया। इसी जलभराव के बीच होकर उन्हें और उनकी पुत्रवधू को चिकित्सक के पास जाना पड़ा। इसी तरह राया से अपने बच्चे को दिखाने के लिए आई काजल चौधरी ने बताया कि मुख्य द्वार पर बारिश के साथ नाली का पानी काफी देर तक भरा रहा। बारिश बंद होने के बाद भी जलभराव खत्म नहीं हुआ। इसी जलभराव से होकर मरीज और उनके साथ आए लोगों को गुजरना पड़ा।
पंप लगाकर शुरू कराई जल निकासी
तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। महापौर विनोद अग्रवाल और नगर आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने प्रभावित स्थलों पर पहुंचकर जल निकासी शुरू कराई। नए बस स्टैंड रेलवे अंडरपास पर रेलवे की तीसरी लाइन बिछाने के लिए चल रही खुदाई के कारण पूर्व की जल निकासी व्यवस्था क्षतिग्रस्त होने से करीब 4.5 से 5 फीट पानी भर गया।
नगर निगम ने यहां चार अस्थायी पंपसेट लगाकर पानी निकालना शुरू किया। वहीं भूतेश्वर अंडरपास पर हाल ही में डाली गई 800 मिमी ग्रेविटी पाइपलाइन के चलते जल निकासी पहले की तुलना में तेजी से हुई और करीब ढाई घंटे में मार्ग को चालू करा दिया गया। यहां तीन पंपसेट भी लगाए गए। सहायक नगर आयुक्त राकेश कुमार सहित निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को जल निकासी और यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
